सूर्यदेव छठी मैया के भाई हैं,छठ महापर्व में दोनों भाई बहन को जल,मौसम का फल,फूल, गुड़ का ठेकुआ का अर्घ्य दिया जाता है

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तेज़ एक्सप्रेस न्यूज –

छठी मैया का व्रत शिवजी के पुत्र कार्तिकेय के जन्म से जुड़ा हुआ है।माता पार्वती ने अपनी तांत्रिक शक्तियों के जरिए शिवजी के अंश छः भ्रूणों को एक में मिला दिया,जिससे कार्तिकेय का जन्म हुआ।कथाक्रम में कार्तिकेय के जन्म के बाद उनका पालन पोषण छः कृतिकाओं ने किया जिससे शिवपुत्र का नाम “कार्तिकेय” पड़ा।

हर हिंदू के घर शिशु के जन्म के छठे दिन जो “छठी” पूजा होती है वह इन्हीं कृतिकाओं की है।
प्रकृति के छठे अंश से “छठी मैया” का जन्म हुआ।ये ब्रह्मा की मानस पुत्री हैं जो शिशु के जन्म के बाद छः दिन शिशु के साथ रहकर उसकी रक्षा करती हैं।
सूर्यदेव छठी मैया के भाई हैं,इसलिए छठ महापर्व में दोनों भाई बहन को जल,मौसम का फल,फूल, गुड़ का ठेकुआ का अर्घ्य दिया जाता है।
जय छठी मैया।🙏जय सूर्यदेव।🙏

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