कुड़वा ग्राम पंचायत में नाबालिक बच्चों से कराई गई सफाई, ग्रामीणों में रोष, कार्रवाई की मांग

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तेज़ एक्सप्रेस न्यूज – किरण साहनी

कोन/सोनभद्र। विकास खण्ड कोन अंतर्गत ग्राम पंचायत कुड़वा में स्वच्छता व्यवस्था को लेकर बीते दिनों ग्रामीणों ने जोरदार प्रदर्शन किया था, जिसकी खबर विभिन्न समाचार पत्रों में प्रमुखता से प्रकाशित हुई थी। इस मामले का संज्ञान लेते हुए खंड विकास अधिकारी डॉ. जितेंद्र नाथ द्विवेदी ने तत्काल सफाई कराने के निर्देश दिए थे, जिसकी ग्रामीणों ने सराहना की थी।परंतु रविवार को सफाई कर्मी ओमप्रकाश कनौजिया जब कचरा वाहन के साथ मौके पर पहुंचे, तो देखा गया कि सफाई स्थल पर नाबालिक बच्चे कचरा उठा रहे थे और सफाई कर्मी तमाशबीन बनकर खड़े थे। यह दृश्य फोटो के माध्यम से भी स्पष्ट दिखाई देता है। बाल अधिकार संरक्षण अधिनियम 2005 के तहत नाबालिक बच्चों से कार्य कराना पूर्ण रूप से वर्जित है, बावजूद इसके जिम्मेदारों द्वारा न केवल कानूनी उल्लंघन किया गया बल्कि बच्चों के स्वास्थ्य व अधिकारों के साथ खिलवाड़ भी किया गया।ग्रामीणों ने इस घटना पर गहरा रोष व्यक्त किया और सवाल उठाया कि आखिर नियुक्त सफाईकर्मी स्वयं सफाई करने से परहेज क्यों कर रहे हैं? ग्रामीण श्रवण यादव, जग्गू, विजय, सोमारु, तथा राधेश्याम ने कहा कि सफाई कर्मी ओमप्रकाश द्वारा नाबालिक बच्चों से सफाई कराना प्रशासनिक लापरवाही का उदाहरण है। इसके अलावा, सफाई के दौरान उठाया गया कचरा सीधे पांडु नदी में फेंक दिया गया, जबकि यही नदी छठ पर्व के दौरान पूजा-अर्चना का प्रमुख स्थल है, जहाँ हर वर्ष सैकड़ों श्रद्धालु व्रतधारी स्नान कर पूजा करते हैं।ग्रामीणों ने बताया कि संबंधित बच्चे — गोपाल पुत्र गुंजु उर्फ लालमणि चेरो, लवकुश पुत्र रामसेवक चेरो, तथा राकेश पुत्र विजय शंकर चेरो — सभी की उम्र लगभग 8 से 10 वर्ष है और वे ग्राम पंचायत कुड़वा के टोला तुमियां निवासी हैं। इनमें से कई स्कूली छात्र हैं जिन्हें कथित रूप से 100 रुपये का लालच देकर देर शाम तक काम कराया गया। ग्रामीणों के अनुसार यह कृत्य न केवल बाल अधिकारों का उल्लंघन है बल्कि कानूनन भी अपराध की श्रेणी में आता है।ग्रामीणों ने यह भी बताया कि लाखों रुपये की लागत से निर्मित कचरा संग्रहण भवन वर्षों से खाली पड़ा है और वहां सफाईकर्मी कचरा डालने के बजाय खुले में और पवित्र स्थल के पास फेंक रहे हैं। इससे छठ पर्व के दौरान श्रद्धालुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचना तय है।मंगलवार तड़के इस प्रकरण को लेकर समाजसेवी गंगाप्रसाद यादव के नेतृत्व में ग्रामीणों ने तुमियां चौराहे पर प्रदर्शन किया और दोषी सफाईकर्मी सहित संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन में मुख्य रूप से रामेश्वर चेरो, सोमारु चेरो, राधेश्याम, रीना देवी और कमला देवी शामिल थीं।प्रदर्शन की सूचना पर एडीओ (पंचायत) सुनील पाल मौके पर पहुंचे और मामले की जांच कर कार्रवाई सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया। अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर प्रकरण को कितनी गंभीरता से लेता है या मामला सरकारी फाइलों में दबकर रह जाएगा।

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