तेज एक्सप्रेस न्यूज – किरण साहनी
सोनभद्र। भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर आयोजित जनजातीय गौरव दिवस का मुख्य मंत्री द्वारा प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम शनिवार को सोनभद्र का कार्यक्रम ऐतिहासिक बन गया, जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिले को 542 करोड़ रुपये की विकास सौगात दी। इस दौरान उन्होंने 432 परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।मंच से “सियावर रामचंद्र की जय” और “नमः पार्वती पतये” का उद्घोष करते हुए मुख्यमंत्री ने धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा को नमन किया। उन्होंने कहा कि “ऊर्जा राजधानी सोनभद्र” केवल संसाधनों का केंद्र नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विरासत का गौरवशाली प्रतीक है। बिहार के चुनाव परिणामों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि “डबल इंजन सरकार की ईमानदार नीतियों की जीत” से सुशासन की पुष्टि हुई है। सीएम ने कहा कि जैसे प्रभु श्रीराम और माता सीता का संबंध अटूट है, वैसे ही यूपी–बिहार का रिश्ता भी अविच्छेद्य है।जनजाति समाज भारत की सभ्यता का प्राण मुख्यमंत्री ने अंग्रेजों द्वारा भगवान बिरसा मुंडा पर किए गए अत्याचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने “अपना देश, अपना राज” का नारा देकर आजादी की नींव रखी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की 17 जनजातियों में से 14 सोनभद्र में निवास करती हैं, जिससे यह जिला आदिवासी संस्कृति का जीवंत केंद्र बन गया है।
सीएम ने कहा कि भाजपा सरकार ने जनजाति समाज को शोषण से मुक्त कर मालिकाना हक, आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार में नए अवसर दिए हैं।जनजाति म्यूजियम और औषधीय रोजगार की घोषणा मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि विंध्याचल मंडल में बलरामपुर की तर्ज पर जनजाति संग्रहालय और छात्रावास स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने सलखन फॉसिल पार्क का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि यह प्रदेश की प्राकृतिक धरोहरों का गौरव है जिसे यूनेस्को की मान्यता भी प्राप्त है।
सीएम ने कहा कि सोनभद्र औषधीय संपदाओं से समृद्ध है, और सरकार जनजातीय वैद्यों को औषधि संग्रह व विपणन में सहयोग करेगी जिससे क्षेत्र में बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित होंगे।विकास की तीन बड़ी धुरी कनहर परियोजना, ओबरा-सी, नल-जल योजना मुख्यमंत्री ने बताया कि कनहर परियोजना से 108 गांवों के 53 हजार से अधिक किसानों को सिंचाई सुविधा मिलेगी। ओबरा-सी परियोजना रोजगार सृजन में सहयोग दे रही है, जबकि हर घर नल योजना के तहत प्रत्येक जनजातीय परिवार तक पीने का पानी पहुँचाने का अभियान जारी है।
उन्होंने कहा कि सोनभद्र के लिए 2,981 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जो आने वाले समय में रोजगार के नए अवसर खोलेंगे।विपक्ष पर प्रहारसीएम योगी ने कहा कि पिछले सरकारों ने जनजाति समाज को केवल वोट बैंक समझा। भाजपा सरकार पहली बार उन्हें सम्मान, पहचान और अधिकार दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।सम्मान व सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरुआत में राज्य मंत्री संजीव गोंड ने मुख्यमंत्री को आदिवासी तीर-धनुष और परंपरागत टोपी भेंटकर स्वागत किया। अरुणाचल प्रदेश और मध्य प्रदेश के कलाकारों ने जनजातीय नृत्य प्रस्तुत किए, जिनसे पूरा परिसर गूंज उठा।
मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता सेनानियों के परिजनों को सम्मानित किया, पीएम आवास योजनाओं के प्रमाण-पत्र और भू-अधिकार पत्र वितरित किए। कार्यक्रम में भगवान बिरसा मुंडा पर आधारित एक पुस्तक का विमोचन भी हुआ।प्रमुख जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति और चर्चा कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री रविंद्र जायसवाल, प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह, सदर विधायक भूपेश चौबे, एमएलसी सुभाष यादव, विनीत सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष राधिका पटेल, नगर पालिका अध्यक्ष रूबी प्रसाद सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
घोरावल विधायक अनिल मौर्य की अनुपस्थिति पूरे आयोजन में चर्चा का विषय बनी रही।






