विन्ढमगंज में धूमधाम से मनाई गई बिरसा मुंडा जयंती सैकड़ों श्रद्धालु हुए शामिल, पारंपरिक नृत्य और लोकगीतों ने बांधा समां

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तेज़ एक्सप्रेस न्यूज – किरण साहनी

सोनभद्र विंढमगंज भारतीय इंटरमीडिएट कॉलेज के खेल मैदान में शनिवार दोपहर लगभग दो बजे आदिवासी समाज के महानायक धरती आबा बिरसा मुंडा की जयंती बड़े ही धूमधाम और पारंपरिक उल्लास के साथ मनाई गई। आयोजन में सैकड़ों की संख्या में आदिवासी पुरुषों, महिलाओं और युवाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।सुबह नगर के हलवाई चौक, सुभाष तिराहा, मुडिसेमर तिराहा, सीता मोड़ और सलैयाडीह होते हुए एक भव्य शोभायात्रा रांची–रीवा मुख्य मार्ग पर निकाली गई। पारंपरिक वेशभूषा में सजे आदिवासी युवक-युवतियों ने ढोल- मांदर की थाप और नृत्य की ताल पर पूरे क्षेत्र का मन मोह लिया। शोभायात्रा पुनः कॉलेज परिसर पहुंचकर विशाल सांस्कृतिक समारोह में परिवर्तित हो गई।दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ बिरसा मुंडा के चित्र पर दीप प्रज्वलित कर ग्राम प्रधान तारा देवी, मीरा सिंह गोंड, ओमप्रकाश रावत, संजय गोंड और विजय गोंड ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर वक्ताओं ने धरती आबा बिरसा मुंडा के जीवन, संघर्ष तथा विचारों पर विस्तार से प्रकाश डाला।वक्ताओं ने रखे अपने विचारएडवोकेट संतोष सिंह गोंड ने कहा कि बिरसा मुंडा का जन्म 15 नवंबर 1875 को उलीहातू गाँव में हुआ था। उन्होंने कम आयु में ही अंग्रेजों के अत्याचार और आदिवासियों के शोषण के विरुद्ध ऐतिहासिक मुंडा विद्रोह का नेतृत्व किया। उनका दिया गया संदेश — “अबुआ दिसुम, अबुआ राज” (हमारी भूमि पर हमारा राज) — आज भी आदिवासी अस्मिता और अधिकारों का प्रतीक है।
वहीं, ओमप्रकाश रावत ने कहा कि बिरसा मुंडा धार्मिक और सामाजिक सुधारों के अग्रदूत थे। उनके नेतृत्व में शुरू हुआ बिरसाइत आंदोलन आदिवासी समाज की एकता, आत्मसम्मान और अपने मूल्यों की रक्षा का प्रतीक बना। इसलिए ही उन्हें स्नेहपूर्वक ‘धरती आबा’ कहा गया।सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां। कार्यक्रम स्थल पर आदिवासी कलाकारों ने पारंपरिक नृत्य और लोकगीतों की शानदार प्रस्तुतियाँ दीं। मांदर और नगाड़ों की गूंज के बीच लोगों ने थिरकते हुए धरती आबा के जयघोष लगाते रहे। पूरा माहौल उत्सव और गर्व के भाव से भर गया।गणमान्य लोग रहे उपस्थितइस अवसर पर हीरालाल मरपची, विजय सिंह गोंड, सुखदेव सिंह पोया, मुन्नालाल गौतम, सुरेंद्र पासवान, जयमंगल उरैती, राजेश रावत, कार्तिक यादव, अभिषेक, अनिल कुमार, राजमती देवी, फौजदार सिंह, शिवकुमार आयाम, सुभाष भारती, अमरेश भारती और निरंजन कुमार रावत समेत सैकड़ों लोग मौजूद रहे।

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