सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण, प्रशासन की चुप्पी पर सवाल

तेज एक्सप्रेस न्यूज – किरण साहनी

सोनभद्र। विंढमगंज बाजार क्षेत्र में इन दिनों सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण कार्य तेजी से जारी है। बाजार के भीतर कई स्थलों पर पक्के मकान और दुकानों का निर्माण देखा जा रहा है, जो राज्य की भूमि पर कब्जे के तहत किए जा रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि कुछ प्रभावशाली लोग मिलकर सार्वजनिक जमीन को निजी संपत्ति में बदलने की कोशिश कर रहे हैं।सूत्रों के अनुसार, यह निर्माण कार्य खुले रूप में नहीं बल्कि ट्रिपाल व टीन की घेराबंदी करके गुप्त तरीके से किया जा रहा है, ताकि किसी अधिकारी या बाहरी व्यक्ति की नजर इस पर न पड़े। आरोप यह भी लगाया जा रहा है कि यह सब संबंधित विभागों की जानकारी में होने के बावजूद बिना किसी रोक-टोक के चल रहा है।स्थानीय निवासियों का कहना है कि कई सप्ताह से यह अवैध निर्माण चल रहा है, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। लोगों का सवाल है कि जब सरकारी जमीन पर खुलेआम कब्जा हो रहा है, तो जिम्मेदार अधिकारी मौन क्यों हैं? प्रशासन की इस चुप्पी को लेकर बाजार में तरह-तरह की चर्चाएं गर्म हैं। कुछ लोग इसे अधिकारियों की लापरवाही बता रहे हैं, तो कुछ इसे किसी दबाव या सांठगांठ का नतीजा मान रहे हैं।जानकारी के मुताबिक, जिस भूमि पर यह निर्माण हो रहा है, उसका पहले ही राजस्व विभाग और क्षेत्रीय लेखपाल द्वारा मौका-मुआयना किया जा चुका है। बावजूद इसके निर्माण कार्य पर रोक नहीं लगाई गई, जिससे आम नागरिकों में असंतोष फैलता जा रहा है। क्षेत्र में यह चर्चा भी तेज है कि यदि संबंधित विभाग ने समय रहते कदम नहीं उठाया, तो भविष्य में यह मामला बड़े विवाद का रूप ले सकता है।स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि सरकारी जमीन पर हो रहे इस अवैध कब्जे की गहन जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही, इंडेंटिफिकेशन कर ऐसे सभी निर्माणों को तत्काल रोका जाए ताकि भविष्य में सरकारी भूमि पर कब्जे की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाया जा सके।फिलहाल, विंढमगंज बाजार में जारी यह अवैध निर्माण प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। अब देखना यह होगा कि शासन कब तक इस मुद्दे पर ध्यान देता है और जमीनी स्तर पर क्या ठोस कार्रवाई की जाती है।

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