10 टन अवैध खैर लकड़ी से लदा ट्रक जब्त करते हुए बड़ी सफलता हासिल हुई

तेज एक्सप्रेस न्यूज – किरण साहनी

सोनभद्र रेणुकूट वन क्षेत्र में खैर लकड़ी की अवैध तस्करी में लिप्त एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया गया है। वाराणसी-शक्तिनगर राष्ट्रीय मार्ग पर की गई इस कार्रवाई में करीब 10 टन अवैध खैर लकड़ी से लदा ट्रक जब्त किया गया, जबकि गिरोह के मुख्य सरगना समेत दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया है।प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ कि यह लकड़ी छत्तीसगढ़ से लोड कर वन सीमा का उल्लंघन करते हुए जरहा रेंज के रास्ते रेणुकूट वन क्षेत्र लाई जा रही थी। तस्करी को सुरक्षित बनाने के लिए ट्रक से आगे रेकी वाहन लगाया गया था, जो लगातार लोकेशन साझा कर रहा था।
कार्रवाई के दौरान रेकी में प्रयुक्त कार संख्या HR 71 J 3729 को भी जब्त कर लिया गया। इसी वाहन से हरियाणा निवासी कत्था व्यापारी एवं गिरोह का सरगना रिजवान और जरहा निवासी कलाम को गिरफ्तार किया गया। वहीं, एक अन्य रेकी वाहन में सवार रोशन, रिंकू, नसीम खान, इबादुल खान समेत कई आरोपी घने कोहरे का फायदा उठाकर फरार हो गए, जिनकी तलाश में वन विभाग की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ कि यह लकड़ी छत्तीसगढ़ से लोड कर वन सीमा का उल्लंघन करते हुए जरहा रेंज के रास्ते रेणुकूट वन क्षेत्र लाई जा रही थी। तस्करी को सुरक्षित बनाने के लिए ट्रक से आगे रेकी वाहन लगाया गया था, जो लगातार लोकेशन साझा कर रहा था।
कार्रवाई के दौरान रेकी में प्रयुक्त कार संख्या HR 71 J 3729 को भी जब्त कर लिया गया। इसी वाहन से हरियाणा निवासी कत्था व्यापारी एवं गिरोह का सरगना रिजवान और जरहा निवासी कलाम को गिरफ्तार किया गया। वहीं, एक अन्य रेकी वाहन में सवार रोशन, रिंकू, नसीम खान, इबादुल खान समेत कई आरोपी घने कोहरे का फायदा उठाकर फरार हो गए, जिनकी तलाश में वन विभाग की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई खैर लकड़ी की तस्करी में सक्रिय अंतरराज्यीय संगठित नेटवर्क की पुष्टि करती है, जिसमें अत्याधुनिक तरीके से रेकी और लोकेशन सिस्टम का इस्तेमाल किया जा रहा था। अधिकारियों ने दो टूक कहा कि वन संपदा को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जा रही है और तस्करी से जुड़े किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
इस साहसिक अभियान में पिपरी रेंज के वन दरोगा रवि यादव, छोटेलाल, संजीव, वन रक्षक मदनलाल, शैलेंद्र यादव, हिमांशु मौर्य तथा न्यूनतम वेतन कर्मी तीरथ राज और प्रेमचंद सहित कई कर्मियों की अहम भूमिका रही।वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी जल्द की जाएगी और वन संरक्षण के लिए भविष्य में भी इस तरह की कठोर और निर्णायक कार्रवाइयाँ लगातार जारी रहेंगी।

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