नशेड़ियों और गुंडों को थानाध्यक्ष दुबे की खुली चुनौती: ‘धंधा बंद करो, वरना जेल की सैर तय

तेज एक्सप्रेस न्यूज – किरण साहनी

सोनभद्र शक्तिनगर अपराधियों और अराजक तत्वों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए शक्तिनगर थाने के नवागत थानाध्यक्ष कमल नयन दुबे ने पदभार संभालते ही कड़ा संदेश दे दिया है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी जारी की कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और कानून का राज कायम करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी। थानाध्यक्ष दुबे के सख्त तेवरों से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और स्थानीय लोग उम्मीद बांधे बैठे हैं कि अब नशे का कारोबार और अपराध की जड़ें उखड़ जाएंगी।अनुभवी अफसर को मिली संवेदनशील जिम्मेदारीकमल नयन दुबे कोई नया-नवेला नाम नहीं हैं पुलिस महकमे में। वे इससे पूर्व रॉबर्ट्सगंज चौकी प्रभारी रह चुके हैं, साथ ही रामपुर बरकोनिया (म्योरपुर) सहित कई थानों में एसएचओ के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। उनकी कार्यकुशलता, सख्त कार्यशैली और अपराधियों पर अंकुश लगाने का लोहा पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा को मालूम है। यही वजह है कि शक्तिनगर जैसे संवेदनशील क्षेत्र—जहां खनन माफिया, नशे के सौदागर और गुंडागर्दी के किस्से आम हैं—की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी उन्हें सौंपी गई। एसपी वर्मा ने कहा, “दुबे साहब का अनुभव इस क्षेत्र की चुनौतियों के लिए परफेक्ट है। अपराध पर लगाम लगाना उनका मिशन होगा।”शक्तिनगर थाना क्षेत्र खनन गतिविधियों, औद्योगिक इकाइयों और सीमावर्ती इलाकों से घिरा होने के कारण हमेशा अपराध का केंद्र रहा है। यहां नशे का कारोबार फल-फूल रहा था, जिससे युवा पीढ़ी बर्बाद हो रही थी। हाल के वर्षों में चोरी, मारपीट और नशे से जुड़े दर्जनों मामले दर्ज हो चुके हैं। ऐसे में थानाध्यक्ष दुबे का आगमन इलाके के लिए संजीवनी बूटी जैसा है।मीडिया को दिए सख्त संदेश: ‘नशा बर्दाश्त नहीं, जेल की तैयारी कर लो!’पदभार ग्रहण करते ही थानाध्यक्ष दुबे ने थाना परिसर में मीडिया से रूबरू होकर खुली चुनौती दी। उन्होंने कहा, “शक्तिनगर की जनता मुझसे कभी भी मिल सकती है। आमजन की हर समस्या का त्वरित समाधान होगा। पुलिस पूरी संवेदनशीलता से काम करेगी। लेकिन अवैध कार्य, खासकर नशे का धंधा, बिल्कुल बर्दाश्त नहीं होगा। नशे में लिप्त लोग या कारोबार करने वाले या तो अपना काला कारोबार बंद कर दें, वरना जेल की हवा खाने के लिए तैयार रहें!”उनकी यह बातें सुनकर थाना परिसर गूंज उठा। उन्होंने नशे के खिलाफ विशेष अभियान चलाने का ऐलान किया, जिसमें रैंडम चेकिंग, मुखबिरों का नेटवर्क मजबूत करना और युवाओं को जागरूक करने पर जोर दिया। “अपराधी चाहे कितना भी बड़ा हो, कानून के सामने सब बराबर हैं। कोई संरक्षण नहीं मिलेगा,” उन्होंने जोर देकर कहा।पुलिसकर्मियों को दिए सख्त निर्देश, बैठक में माहौल गंभीरनए थानाध्यक्ष के आगमन पर थाना परिसर में सभी पुलिस कर्मियों ने उनका हर्षोल्लास से स्वागत किया। स्वागत के ठीक बाद दुबे ने चार्ज लेते ही आपात बैठक बुलाई। बैठक में उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि थाना क्षेत्र में कानून का राज चलेगा। अपराध नियंत्रण, चौबीसों घंटे गश्त व्यवस्था, त्वरित कार्रवाई और जनता से बेहतर संवाद पर विशेष बल दिया।”हर पुलिसकर्मी पूरी निष्ठा, अनुशासन और पारदर्शिता के साथ ड्यूटी करेगा। अपराधियों को किसी सूरत में छूट नहीं मिलेगी। गश्ती टीमें सक्रिय रहेंगी और हर शिकायत पर तुरंत एक्शन होगा,” उन्होंने कर्मियों को हिदायत दी। बैठक के बाद थाना स्टाफ में नई ऊर्जा का संचार हो गया। सूत्रों के अनुसार, पहले ही दिन कुछ संदिग्धों पर नजर रखी जा रही है।स्थानीय लोगों में उम्मीद की किरण, अपराध पर लगेगा ब्रेकथानाध्यक्ष दुबे के सख्त तेवरों और स्पष्ट संदेश से शक्तिनगर क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के सकारात्मक संकेत मिले हैं। स्थानीय व्यापारी नेता रामेश्वर प्रसाद ने कहा, “अब नशे और चोरी के डर से मुक्ति मिलेगी। दुबे साहब का स्वागत है।” एक युवा निवासी ने बताया, “नशे का जाल युवाओं को बर्बाद कर रहा था। अब उम्मीद है कि साफ-सुथरा माहौल बनेगा।”पुलिस विभाग के जानकारों का मानना है कि दुबे के नेतृत्व में अगले कुछ महीनों में नशे पर प्रभावी अंकुश लगेगा। खनन क्षेत्रों में गश्त बढ़ेगी और अपराध दर में कमी आएगी। सोनभद्र जिले में यह नियुक्ति एक मिसाल बनेगी। फिलहाल, पूरा इलाका थानाध्यक्ष दुबे की अगली कार्रवाई पर नजरें गड़ाए बैठा है।

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