तेज एक्सप्रेस न्यूज – किरण साहनी
सोनभद्र/चोपन कड़ाके की ठंड को देखते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चोपन में आयोजित नसबंदी शिविर के दौरान नायरा शक्ति के तत्वावधान में एक सराहनीय सामाजिक पहल देखने को मिली। शिविर में सम्मिलित लगभग 100 महिलाओं को नायरा शक्ति द्वारा निशुल्क कंबल वितरित किए गए। इस जनसेवा कार्यक्रम से महिलाओं में खासा उत्साह और संतोष देखने को मिला।जानकारी के अनुसार, स्थानीय थाना क्षेत्र अंतर्गत स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चोपन में स्वास्थ्य विभाग द्वारा नियमित नसबंदी शिविर का आयोजन किया गया था। शिविर में दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में महिलाएं पहुंची थीं। ठंड के मौसम को ध्यान में रखते हुए नायरा शक्ति ने इन महिलाओं को ठंड से राहत देने के उद्देश्य से कंबल वितरण का कार्यक्रम आयोजित किया।
इस अवसर पर उपस्थित नायरा शक्ति के सेल्स ऑफिसर अभिषेक पांडे ने कहा कि “मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। नायरा शक्ति सामाजिक दायित्वों को निभाते हुए समय-समय पर ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन करती रही है। आज नसबंदी शिविर में शामिल महिलाओं के लिए कंबल वितरण कर हम स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। आगे भी जरूरतमंदों के लिए इस तरह के सेवा कार्यक्रम निरंतर जारी रहेंगे।कार्यक्रम में गोविंद अग्रहरि, नायरा पंप संचालक ने कहा कि सामाजिक सहयोग से ही समाज को मजबूत बनाया जा सकता है। उन्होंने नायरा शक्ति की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ठंड के इस मौसम में जरूरतमंद महिलाओं को कंबल उपलब्ध कराना एक सराहनीय कदम है वहीं भव्य खन्ना, नायरा एनर्जी काउंसलर ने बताया कि नायरा शक्ति केवल ऊर्जा क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के कमजोर वर्गों के कल्याण के लिए भी निरंतर कार्य कर रही है। नसबंदी शिविर में पहुंची महिलाओं को कंबल वितरित कर उन्हें सम्मान और सुरक्षा का अहसास दिलाया गया है।
कंबल वितरण कार्यक्रम के दौरान राम सिंह सहित नायरा शक्ति से जुड़े कई अन्य लोग भी मौजूद रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों का भी विशेष सहयोग रहा। महिलाओं ने इस पहल के लिए नायरा शक्ति और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया।स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह के सामाजिक सरोकार से जुड़े कार्यक्रम न केवल जरूरतमंदों को राहत पहुंचाते हैं, बल्कि समाज में सकारात्मक संदेश भी देते हैं। नायरा शक्ति द्वारा किया गया यह कंबल वितरण कार्यक्रम निश्चित रूप से एक अनुकरणीय पहल के रूप में देखा जा रहा है।






