तेज़ एक्सप्रेस न्यूज – किरण साहनी
सोनभद्र/05 फरवरी, 2026जनपद को पूर्णतः बाल श्रम मुक्त बनाने का संकल्प: DM की अध्यक्षता में धमाकेदार कार्यशाला, सख्ती से निरीक्षण और अभियोजन के निर्देश!बाल श्रम उन्मूलन में नया अध्याय: SDM से लेकर BLO तक सभी अधिकारी सक्षम बनाए गए, टोल-फ्री नंबर पर शिकायतें दर्ज कराएं!निर्माण श्रमिकों का पंजीकरण अभियान तेज, योजनाओं का लाभ दिलाने हेतु होर्डिंग्स का जाल बिछेगा!कलेक्ट्रेट सभागार में गुरुवार को एक ऐसी कार्यशाला हुई, जो सोनभद्र को बाल श्रम के काले धब्बे से मुक्त करने का ऐतिहासिक कदम साबित हो सकती है। जिलाधिकारी बी.एन. सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में श्रम विभाग, शिक्षा विभाग, पुलिस प्रशासन, बाल संरक्षण इकाई, स्वयंसेवी संस्थाओं और अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एक मंच पर जुटे। DM ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी- “बाल श्रम कोई छोटा अपराध नहीं, बल्कि समाज की जड़ें खोखली करने वाली महामारी है। इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा!”कार्यशाला को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने जोरदार आवाज में कहा कि जनपद को बाल श्रम मुक्त बनाने के लिए अब व्यापक जागरूकता अभियान छेड़ा जाए। स्कूलों, बाजारों, फैक्टरियों, ईंट-भट्टों, होटलों और ढाबों पर नियमित छापेमारी हो। कहीं भी अगर कोई बच्चा श्रम करता दिखा, तो बिना देरी के सख्त कानूनी कार्रवाई हो। “बच्चों को श्रम की जंजीरों से मुक्त कराने के बाद उनका पुनर्वास, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। ये हमारी प्राथमिकता होगी,” उन्होंने कहा।शासन का बड़ा कदम: ये अधिकारी अब बाल श्रम के खिलाफ ‘जज’ और ‘एक्जीक्यूटर’ दोनों!
DM ने बताया कि शासन ने बाल श्रम उन्मूलन को गति देने के लिए श्रम विभाग के अधिकारियों के अलावा उपजिलाधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, बेसिक शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी और सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) को प्रवर्तन एवं अभियोजन का सक्षम अधिकारी नामित किया है। इनके पास अब पूर्ण अधिकार होंगे कि बाल श्रम पकड़े जाने पर दोषियों पर तुरंत FIR दर्ज हो और मुकदमा चले। “बाल श्रम प्रभावित परिवारों को सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाए, ताकि ये कुरीति जड़ से उखड़ जाए,” DM ने निर्देश दिए।निर्माण श्रमिकों के लिए खुशहाली का रास्ता: पंजीकरण में तेजी लाएं!
कार्यशाला में एक और बड़ा फैसला हुआ- निर्माण श्रमिकों के पंजीकरण को रफ्तार दें। DM ने साफ कहा कि श्रम विभाग की योजनाओं से लाखों मजदूर लाभान्वित हों, इसके लिए तुरंत अभियान चलाएं। साथ ही, जिला मुख्यालय से लेकर तहसील, ब्लॉक, नगर पालिका और नगर पंचायतों तक होर्डिंग्स, बैनर और पोस्टरों का जाल बिछा दें। टोल-फ्री नंबर 18001805160 का प्रचार-प्रसार जोरों पर हो, ताकि कोई भी नागरिक श्रम विभाग से जुड़ी शिकायत सहजता से दर्ज करा सके। जन शिकायत पोर्टल पर भी तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए गए।DM ने भावुक अपील की- “यह लड़ाई सिर्फ प्रशासन की नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। सभी विभाग समन्वय से काम करें, ताकि सोनभद्र का हर बच्चा स्कूल की चारदीवारी में हंसता-खेलता नजर आए।” कार्यशाला में भारत सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार की बाल श्रम उन्मूलन योजनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई। उप श्रमायुक्त मिर्जापुर पिपरी, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. पंकज कुमार राय, अपर पुलिस अधीक्षक अनिल सिंह, पीडी डीआरडीए एस.के. राय, समाज कल्याण अधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह भदौरिया, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी सुधांशु शंकर शर्मा, अपर जिला सूचना अधिकारी विनय कुमार सिंह समेत बड़ी संख्या में अधिकारी मौजूद रहे।यह कार्यशाला न केवल नीतिगत फैसलों का केंद्र बनी, बल्कि सोनभद्र के भविष्य को संवारने का प्रतीक भी। अब देखना यह है कि जमीन पर कितनी तेजी से ये निर्देश लागू होते हैं।






