तेज एक्सप्रेस न्यूज – किरण साहनी
सोनभद्र
जनपद सोनभद्र में शनिवार को किसानों के लिए खुशियों भरा ऐतिहासिक क्षण देखने को मिला, जब प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री ने लाइव स्ट्रीमिंग के माध्यम से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना एवं मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना योजना के लाभार्थियों के बैंक खातों में डीबीटी के जरिए क्षतिपूर्ति राशि हस्तांतरित की। इस अवसर पर जिले के किसानों के चेहरों पर संतोष और आत्मविश्वास की झलक साफ दिखाई दी।
उप कृषि निदेशक कार्यालय सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती जागृति अवस्थी एवं जिला पंचायत अध्यक्षा प्रतिनिधि श्री दिनेश कुमार बी.आर. की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम में उप कृषि निदेशक, कृषि विज्ञान केंद्र के विषय विशेषज्ञ, प्रगतिशील कृषक सहित लगभग 60 किसानों ने भाग लिया और लाइव प्रसारण के माध्यम से प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम से जुड़कर योजनाओं की जानकारी प्राप्त की।
कार्यक्रम के समापन पर मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना योजना की लाभार्थी श्रीमती राधिका प्रजापति एवं उनके नाबालिग पुत्र को 5 लाख रुपये की सांकेतिक चेक जिला पंचायत अध्यक्षा प्रतिनिधि एवं उप कृषि निदेशक द्वारा प्रदान की गई। यह क्षण भावुक और प्रेरणादायक रहा, जिसने सरकार की संवेदनशीलता और किसानों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाया।
निरीक्षण और व्यवस्थाओं पर विशेष जोर कार्यक्रम के बाद मुख्य विकास अधिकारी ने उप कृषि निदेशक कार्यालय में अभिलेखों एवं साफ-सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यालय की कार्यप्रणाली को और अधिक पारदर्शी एवं व्यवस्थित बनाने के निर्देश दिए।
इसके उपरांत जनपदीय मृदा परीक्षण प्रयोगशाला का भी गहन निरीक्षण किया गया। मृदा नमूनों की जांच प्रक्रिया, मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरण व्यवस्था और संतुलित उर्वरक उपयोग की स्थिति का अवलोकन किया गया। उन्होंने सभी ग्राम पंचायतों में व्यापक प्रचार-प्रसार कर अधिक से अधिक मृदा नमूने परीक्षण हेतु भेजने और किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए।
कृषि विज्ञान केंद्र में नवाचारों का अवलोकन
मुख्य विकास अधिकारी ने कृषि विज्ञान केंद्र, मगुराही सोनभद्र का भी निरीक्षण किया। यहां टमाटर कैचअप प्रोसेसिंग मशीन, जैम-जेली निर्माण, आंवला पाउडर प्रसंस्करण एवं ऑयस्टर मशरूम उत्पादन जैसी गतिविधियों का अवलोकन किया गया।
उन्होंने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को खाद्य प्रसंस्करण उत्पादों के निर्माण का प्रशिक्षण विकासखंडवार आयोजित कराने के निर्देश कृषि वैज्ञानिकों को दिए, ताकि ग्रामीण महिलाओं की आय में वृद्धि हो सके और स्वरोजगार को बढ़ावा मिले।
कार्यक्रम ने यह स्पष्ट कर दिया कि शासन की योजनाएं केवल कागजों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि धरातल पर किसानों और ग्रामीण परिवारों तक पहुंच रही हैं। सोनभद्र में यह आयोजन किसानों के विश्वास को और मजबूत करने वाला साबित हुआ।






