तेज़ एक्सप्रेस न्यूज – किरण साहनीसोनभद्र।महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग ने जनपद में महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। इसी क्रम में एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) वैक्सीन को नियमित टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल किए जाने के तहत सोमवार को जनपद स्तरीय टीओटी (ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स) प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, चिकित्सकों तथा विभिन्न स्वास्थ्य साझेदार संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और टीकाकरण अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य किशोरियों को समय रहते एचपीवी वैक्सीन के माध्यम से सुरक्षित करना है, ताकि भविष्य में सर्वाइकल कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सके। प्रशिक्षण के दौरान जनपद स्तर पर तैयार किए गए प्रशिक्षक आगे ब्लॉक स्तर पर स्टाफ नर्स, एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करेंगे। इसके बाद गांव-गांव और स्वास्थ्य केंद्रों पर जाकर पात्र किशोरियों को वैक्सीन लगवाने के लिए जागरूक किया जाएगा और टीकाकरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने प्रशिक्षण के दौरान बताया कि सर्वाइकल कैंसर महिलाओं के गर्भाशय के निचले हिस्से, जिसे गर्भाशय ग्रीवा (सर्विक्स) कहा जाता है, में विकसित होने वाला एक गंभीर रोग है। यह प्रायः ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) नामक वायरस के संक्रमण के कारण होता है। यदि समय रहते इसकी जांच और उपचार न किया जाए तो यह बीमारी जानलेवा भी साबित हो सकती है। हालांकि चिकित्सा विज्ञान में अब ऐसे टीके उपलब्ध हैं जिनकी मदद से इस बीमारी से काफी हद तक बचाव संभव है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार द्वारा एचपीवी वैक्सीन को नियमित टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल किया गया है।
प्रशिक्षण के दौरान यह भी जानकारी दी गई कि राज्य स्तर से जनपद को एचपीवी वैक्सीन की आपूर्ति कर दी गई है। अब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और कोल्ड चेन प्वाइंट्स के माध्यम से 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की किशोरियों को निःशुल्क एचपीवी वैक्सीन लगाई जाएगी। स्वास्थ्य विभाग की टीम इस अभियान को सफल बनाने के लिए व्यापक स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम भी चलाएगी, ताकि अधिक से अधिक किशोरियां इस टीकाकरण से लाभान्वित हो सकें।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए समय पर टीकाकरण के साथ-साथ नियमित स्वास्थ्य जांच और जागरूकता भी बेहद आवश्यक है। यदि समाज में इस विषय को लेकर जागरूकता बढ़ेगी तो इस गंभीर बीमारी के मामलों में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है।
इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के अधीक्षक एवं प्रभारी चिकित्साधिकारी, जिला स्वास्थ्य कार्यक्रम से जुड़े अधिकारी तथा डब्ल्यूएचओ, यूनिसेफ, यूएनडीपी और जेएसआई जैसी स्वास्थ्य साझेदार संस्थाओं के जनपद प्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम में टीकाकरण अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने और प्रत्येक पात्र किशोरी तक वैक्सीन पहुंचाने का संकल्प भी लिया गया।






