तेज़ एक्सप्रेस न्यूज – किरण साहनी
सोनभद्र | जिले की धरती उस समय गौरव से भर उठी जब यूपी पीसीएस परीक्षा में 22वीं रैंक हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन करने वाले होनहार युवा आनंद राज सिंह अपने गृह जनपद पहुंचे। उनके आगमन पर उनके मातृ शिक्षण संस्थान संत कीनाराम सीनियर सेकेंडरी पब्लिक स्कूल, लोढ़ी (राबर्ट्सगंज) में ऐसा भव्य स्वागत हुआ, जिसने पूरे माहौल को उत्सव में बदल दिया।
विद्यालय परिसर को फूल-मालाओं, रंग-बिरंगे गुब्बारों, बैनर और पोस्टरों से दुल्हन की तरह सजाया गया था। जैसे ही आनंद राज अपने माता-पिता के साथ स्कूल पहुंचे, छात्रों ने ढोल-नगाड़ों और तालियों की गूंज के साथ उनका जोरदार स्वागत किया। हर चेहरे पर गर्व और प्रेरणा साफ झलक रही थी।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के प्राचार्य डॉ. गोपाल सिंह ने आनंद राज और उनके माता-पिता को अंगवस्त्र, पुष्पमालाएं और संत कीनाराम महाराज की तस्वीर भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर विद्यालय परिवार और अभिभावकों की बड़ी संख्या मौजूद रही।
नियमित पढ़ाई ही सफलता की असली कुंजी आनंद राज सिंह
अपने संबोधन में आनंद राज सिंह ने भावुक होते हुए कहा कि उनकी सफलता के पीछे उनके गुरुओं, माता-पिता और संत कीनाराम महाराज का आशीर्वाद है। उन्होंने कहा मेरी पूरी शिक्षा इसी संस्थान से हुई है। यहां का अनुशासन, संस्कार और शिक्षा मेरे रग-रग में बस चुके हैं।”
उन्होंने विद्यालय की सराहना करते हुए कहा कि कम शुल्क में इतनी उच्च गुणवत्ता की शिक्षा देना अपने आप में एक मिसाल है, जो अन्यत्र बहुत दुर्लभ है।
छात्रों को प्रेरित करते हुए उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया
रोजाना 8 से 10 घंटे की नियमित पढ़ाई सफलता का मूल मंत्र है
शॉर्टकट से स्थायी सफलता नहीं मिलती
त्याग, तपस्या और निरंतर मेहनत ही लक्ष्य तक पहुंचाती है
उन्होंने छात्रों से एकाग्र होकर पढ़ाई करने और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने का आह्वान किया।
हमारा लक्ष्य सिर्फ पढ़ाई नहीं, सर्वांगीण विकास प्राचार्य
प्राचार्य डॉ. गोपाल सिंह ने कहा कि संस्थान का उद्देश्य केवल शैक्षणिक सफलता नहीं, बल्कि छात्रों का समग्र विकास करना है। उन्होंने खुशी जताई कि संस्थान के छात्र लगातार सफलता के नए आयाम स्थापित कर रहे हैं। पूरे क्षेत्र के लिए बनी प्रेरणा
इस सम्मान समारोह में विद्यालय की प्रधानाचार्य मनुश्री, निदेशक अंकित सिंह, शिक्षकगण, छात्र-छात्राएं और अभिभावक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम ने न सिर्फ आनंद राज की उपलब्धि का जश्न मनाया, बल्कि सैकड़ों छात्रों के दिलों में नई उम्मीद और प्रेरणा भी जगाई।






