तेज़ एक्सप्रेस न्यूज – किरण साहनी
ओबरा (सोनभद्र):
राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय ओबरा में बुधवार को “नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023” के प्रचार-प्रसार को लेकर ऐसा उत्साह देखने को मिला, जिसने पूरे नगर का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। महिला सशक्तिकरण और उनकी सामाजिक-राजनीतिक भागीदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से महाविद्यालय परिसर से भव्य नारी शक्ति पदयात्रा और दीवार हस्ताक्षर अभियान का आयोजन किया गया, जिसमें छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।कार्यक्रम की शुरुआत महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो० डॉ० प्रमोद कुमार की अध्यक्षता में हुई। सबसे पहले नारी शक्ति वंदन हस्ताक्षर दीवार पर छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों ने हस्ताक्षर कर इस ऐतिहासिक अधिनियम के समर्थन में अपनी सहभागिता दर्ज कराई। इसके बाद जो नजारा सामने आया, वह बेहद प्रेरणादायक था—हाथों में बैनर और तख्तियां लिए छात्र-छात्राओं का कारवां महाविद्यालय से निकलकर नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरा।
पदयात्रा के दौरान गूंजते नारों
नारी का सम्मान देश का अभिमान
महिलाओं को अधिकार तभी होगा विकास साकार
ने पूरे वातावरण को जागरूकता और उत्साह से भर दिया। राहगीरों और नगरवासियों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए अभियान को समर्थन दिया।
कार्यक्रम अधिकारी डॉ० विभा पाण्डेय ने बताया कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 महिलाओं को राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्रों में समान भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि समाज में महिलाओं के प्रति सम्मान समानता और अधिकारों की भावना विकसित करना हर नागरिक का कर्तव्य है।
इस मौके पर डॉ० बीना, डॉ० संघमित्रा अंजलि मिश्रा सहित महाविद्यालय के सभी प्राध्यापक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों को नारी सशक्तिकरण के प्रति जागरूक रहने और दूसरों को भी जागरूक करने का संकल्प दिलाया गया।
यह भव्य पदयात्रा न केवल जागरूकता का संदेश देने में सफल रही, बल्कि समाज में महिलाओं के अधिकारों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने की दिशा में एक मजबूत पहल के रूप में उभरी।





