चाँद पर पहुंचा देश, लेकिन गांव प्यासा सोनभद्र के चांची कला खोचा बैगा बस्ती में लोग मिट्टी खोदकर पी रहे पानी

तेज़ एक्सप्रेस न्यूज-(मुन्ना लाल जायसवाल)

कोन(सोनभद्र)।चांची कला खोचा बैगा बस्ती में आज भी लोग बूंद-बूंद पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। देश जहां अंतरिक्ष में नई ऊंचाइयों को छू रहा है, वहीं इस आदिवासी बस्ती के ग्रामीण मिट्टी खोदकर निकलने वाला पानी पीने को मजबूर हैं।
गांव में पेयजल की कोई स्थायी व्यवस्था नहीं होने से ग्रामीणों को रोजाना भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। स्थानीय लोगों के मुताबिक हैंडपंप खराब पड़े हैं और पाइपलाइन योजना का लाभ अब तक बस्ती तक नहीं पहुंच पाया है। मजबूरी में महिलाएं और बच्चे मिट्टी खोदकर रिसाव से जमा होने वाला पानी भरते हैं और उसी का इस्तेमाल पीने व घरेलू कामों में करते हैं।
ग्रामीण सुखाड़ी बैगा ने बताया,
“गांव में पानी की बहुत दिक्कत है। हैंडपंप खराब है, दूर-दूर तक पानी नहीं मिलता। मजबूरी में मिट्टी खोदकर जो पानी निकलता है, वही पीना पड़ता है। कई बार शिकायत किए, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई।
ग्रामीणों का कहना है कि गर्मी बढ़ने के साथ जल संकट और गहरा गया है। गंदा पानी पीने से बीमारियों का खतरा भी बढ़ रहा है। बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

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