तेज़ एक्सप्रेस न्यूज – किरण साहनी
सोनभद्र। जनपद के चर्चित ललिता हत्याकांड मामले में शुक्रवार को अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए दोषी पति को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। सत्र न्यायाधीश राम सुलीन सिंह की अदालत ने सुनवाई पूरी करने के बाद आरोपी रामप्यारे को पत्नी की हत्या का दोषी मानते हुए 11 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। अदालत ने स्पष्ट किया कि जुर्माना अदा न करने पर दोषी को तीन माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। साथ ही जेल में बिताई गई अवधि को सजा में समाहित किए जाने का आदेश भी दिया गया।
मामला दुद्धी थाना क्षेत्र के कोरची टोला बियादामर गांव से जुड़ा है, जहां लगभग दो वर्ष पूर्व घरेलू विवाद ने खूनी रूप ले लिया था। अभियोजन पक्ष के अनुसार, मृतका ललिता के देवर शिवकुमार पुत्र स्वर्गीय राम सहाय ने दुद्धी थाने में तहरीर देकर बताया था कि 1 अप्रैल 2023 की शाम करीब 7 बजे उसका बड़ा भाई रामप्यारे अपनी पत्नी ललिता (45) के साथ गाली-गलौज कर रहा था। विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपी ने डंडे से हमला कर पत्नी को गंभीर रूप से घायल कर दिया। हमले में ललिता के सिर पर गंभीर चोटें आई थीं।
परिजनों द्वारा घायल महिला को अस्पताल ले जाने की तैयारी की जा रही थी, लेकिन उससे पहले ही उसकी मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की और पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद आरोपी पति रामप्यारे के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने अदालत से दलील दी कि आरोपी का यह पहला अपराध है, इसलिए उसे न्यूनतम दंड दिया जाए। वहीं जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी ज्ञानेंद्र शरण रॉय ने मामले को अत्यंत गंभीर बताते हुए कठोर सजा की मांग की।
अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों, गवाहों के बयान और पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों का गहन अवलोकन करने के बाद आरोपी को दोषी करार दिया। अदालत के फैसले के बाद न्यायालय परिसर में मामले की चर्चा होती रही। वहीं मृतका के परिजनों ने फैसले पर संतोष जताते हुए इसे न्याय की जीत बताया।






