तेज़ एक्सप्रेस न्यूज – विजय सोनी
बीजपुर(सोनभद्र)रेणुकूट वन प्रभाग का जरहा वन रेंज इन दिनों खनन माफियाओ की मधुशाला बन चुका है।प्रतिबंधित नदी-नालों से बालू का अवैध खनन इस कदर हावी है कि अब माफियाओं को न तो कानून का डर है और न ही वर्दी का खौफ।जो काला कारोबार कभी रात के अंधेरे में छिपकर होता था वह अब वन विभाग की नाक के नीचे दिन दहाड़े डंके की चोट पर चल रहा है। प्रतिदिन सैकड़ों ट्रैक्टर और टीपर नदियों का अस्तित्व मिटाने में लगे हैं लेकिन पूरा प्रशासनिक अमला आंखें मूंदकर बैठा है।क्षेत्र की जीवनदायिनी मानी जाने वाली बिच्छी नदी,वरन नदी,अजिर नदी, डीगुल नदी, सिंदूर नदी और रिहंद जलाशय इस वक्त माफियाओं के सबसे बड़े निशाने पर हैं।अंधाधुंध और अनियंत्रित खुदाई के कारण इन नदी-नालों का स्वरूप पूरी तरह बिगड़ चुका है।पर्यावरणविदों की मानें तो यदि कुदरत के साथ यह खूनी खेल ऐसे ही जारी रहा तो पूरा क्षेत्र जल्द ही भीषण जल संकट और विनाशकारी पर्यावरणीय असंतुलन की चपेट में आ जाएगा।इस महालूट के पीछे की सबसे कड़वी सच्चाई यह है कि जिसे कानून ने जंगलों और नदियों की रखवाली का जिम्मा दिया वही इस सिंडिकेट का सबसे बड़ा साझीदार है।स्थानीय जनचर्चाओं और ग्रामीणों के गंभीर आरोपों के मुताबिक क्षेत्र के रसूखदार सफेदपोश ग्राम प्रधान इस अवैध खेल में बराबर के हिस्सेदार हैं।

ग्रामीणो ने बताया कि पहले गाड़ियां सिर्फ रात में चलती थीं अब तो दिन के उजाले में भी ट्रैक्टरों की गड़गड़ाहट से गांवों में रहना दूभर हो गया है।चौंकाने वाला और सबसे शर्मनाक तथ्य यह है कि नदियों को खोखला कर निकाला जा रहा यह अवैध बालू और बोल्डर कहीं और नहीं बल्कि गांवों में चल रहे सरकारी विकास कार्यों में ही धड़ल्ले से खपाया जा रहा है।अवैध बालू परिवहन में लगे वाहनों के शोर ने स्थानीय निवासियों का जीना मुहाल कर दिया है।रात-दिन सड़कों पर दौड़ते भारी वाहनों के कारण ग्रामीणों की नींद पूरी नहीं हो पा रही है। इसका सबसे घातक असर मासूम बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा है।भारी शोरगुल के कारण बच्चे न तो रात में सो पा रहे हैं और न ही दिन में एकाग्रता से पढ़ाई कर पा रहे हैं।
खनन माफिया अपने चंद रुपयों के मुनाफे के लिए न सिर्फ कानून की धज्जियां उड़ा रहे हैं बल्कि मासूमों की जिंदगी को भी दांव पर लगा रहे हैं। नियमों को ताक पर रखकर नाबालिग बच्चों से तेज रफ्तार ट्रैक्टर चलवाए जा रहे हैं।अभी महज दो दिन पहले ही पड़ोसी क्षेत्र बभनी में अवैध खनन के कारण एक बड़ा और दर्दनाक हादसा हो चुका है। इसके बावजूद जरहा रेंज के जिम्मेदार अधिकारी गहरी कुंभकर्णी नींद में सोए हुए हैं।सड़कों पर दौड़ते इन नाबालिग चालकों की वजह से राहगीर और ग्रामीण हर वक्त किसी बड़ी अनहोनी के साए में जीने को मजबूर हैं।खनन माफियाओं के बढ़ते हौसलों और वन विभाग की इस आपराधिक उदासीनता से त्रस्त होकर अब ग्रामीणों ने आर-पार की लड़ाई का मूड बना लिया है। ग्रामीणों ने इस पूरे मामले से जिलाधिकारी सोनभद्र को अवगत कराते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।






