हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजा रामगढ़, यज्ञ मंडप की परिक्रमा को उमड़ा जनसैलाब

तेज़ एक्सप्रेस न्यूज – किरण साहनी

सोनभद्र। कसारी रामगढ़ स्थित भिखारी बाबा आश्रम इन दिनों आध्यात्मिक ऊर्जा, भक्ति और सनातन संस्कृति के दिव्य संगम का केंद्र बना हुआ है। नौ दिवसीय विराट रुद्र महायज्ञ के सातवें दिन गुरुवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। यज्ञ मंडप की परिक्रमा के लिए सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा। “हर-हर महादेव” और “बोल बम” के गगनभेदी जयघोष से पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूब गया।
महायज्ञ स्थल पर दूर-दराज के गांवों और पड़ोसी जनपदों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने यज्ञ मंडप की परिक्रमा कर भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त किया। श्रद्धालुओं का उत्साह ऐसा था कि पूरे दिन यज्ञ परिसर भक्तों से खचाखच भरा रहा। आस्था और श्रद्धा का यह दृश्य लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा।
कार्यक्रम के अंतर्गत स्थित शिव मंदिर में विशेष रुद्राभिषेक पूजन संपन्न कराया गया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान भोलेनाथ का दूध, गंगाजल और पूजन सामग्री से अभिषेक किया गया। श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और विश्व कल्याण की कामना की।
महायज्ञ में वृंदावन से पधारी बाल कथा वाचिका धानी शास्त्री ने श्रीमद्भागवत कथा का अमृतपान कराया। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं, धर्म, भक्ति और मानव जीवन के आदर्शों पर प्रकाश डालते हुए श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक संदेश दिए। कथा श्रवण के दौरान भक्त भाव-विभोर नजर आए और पूरा पंडाल श्रद्धा में डूब गया।
संध्या होते ही कार्यक्रम का स्वरूप और भी भव्य हो गया। भजन संध्या में वाराणसी से आए राष्ट्रीय बाल कलाकार श्री राम कृष्ण, श्री राधा कृष्ण और श्री राधे कृष्ण ने एक से बढ़कर एक भजन, गीत और गजल प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। भक्त देर रात तक भजनों की मधुर धुनों पर झूमते रहे और तालियों की गड़गड़ाहट से कलाकारों का उत्साहवर्धन करते रहे।
वहीं वृंदावन से आए कलाकारों द्वारा प्रस्तुत रासलीला ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी की मनमोहक झांकियों एवं जीवंत प्रस्तुति ने दर्शकों को ब्रजधाम की अनुभूति करा दी। रासलीला मंचन देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु देर रात तक डटे रहे।
महायज्ञ की एक विशेषता पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी रहा। आयोजन में 251 दुर्लभ औषधीय जड़ी-बूटियों से निर्मित हवन सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। वैदिक विधि-विधान से दी जा रही आहुतियों के माध्यम से प्रकृति संरक्षण, पर्यावरण शुद्धि और विश्व कल्याण की कामना की जा रही है। आयोजकों का कहना है कि यज्ञ से निकलने वाला धुआं वातावरण को शुद्ध करने में भी सहायक माना जाता है।
महायज्ञ के दौरान प्रतिदिन चल रहे विशाल भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। भंडारे में आने वाले हर श्रद्धालु का स्वागत सम्मानपूर्वक किया जा रहा है। भोजन व्यवस्था को लेकर भी श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।
कार्यक्रम के आयोजक भिक्षुक भिखारी जंगली दास दीनबंधु रमाशंकर गिरी महाराज ने बताया कि महायज्ञ में आचार्य गोपालधर द्विवेदी, राजेश कुमार पाठक, हरिओम द्विवेदी एवं अमरेश तिवारी सहित विद्वान आचार्यगण वैदिक मंत्रोच्चार के साथ यज्ञ एवं पूजन कार्य संपन्न करा रहे हैं। उन्होंने बताया कि आयोजन का मुख्य उद्देश्य सनातन संस्कृति का प्रचार-प्रसार, मानव कल्याण, पर्यावरण संरक्षण और समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करना है।
कार्यक्रम में मुख्य यजमान दिनेश, उषा देवी, रूपा गुप्ता, देवेंद्र कुमार, चिंता मौर्य, उर्मिला देवी, विमला देवी, शशि देवी, विजय सिंह, मनीष कुमार, कृति सागर, शुभराम महाराज, परमानंद, रमेश कुमार, प्रहलाद, रामखेलावन, किरन मोदवाल, मानवी, संगीता, मुन्ना बाबा, केवलानंद महाराज, आनंद ओझा, राकेश पाठक, कालो देवी, डॉ. विजय, हीरा सिंह, संजय अग्रवाल, चांदनी अग्रवाल, राजेश सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। :::

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