तेज़ एक्सप्रेस न्यूज – विष्णु गुप्ता
चोपन/सोनभद्र
महिलाओं के साथ नहाने गए थे दोनों बच्चे, सूचना पर पुलिस और गोताखोर जुटे
गोताखोरों की मदद से तलाश जारी, एनडीआरएफ को भी दी गई सूचना
सोनभद्र के चोपन थाना क्षेत्र में मीतापुर ग्राम पंचायत में सोन नदी में नहाने के दौरान बड़ा हादसा हो गया। परिवार की महिलाओं के साथ नदी में नहाने गए दो बच्चे अचानक गहरे पानी में समा गए। डूबने वालों में 16 वर्षीय बोल बम केवट पुत्र लोधी केवट तथा 10 वर्षीय दीपक केवट पुत्र भगवान दास केवट शामिल हैं। आशंका जताई जा रही है कि नहाने के दौरान दोनों बच्चों का पैर फिसल गया और वे नदी की तेज धारा में बह गए। साथ मौजूद महिलाओं ने बच्चों को बचाने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिल सकी। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए।सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई और राहत एवं बचाव कार्य की निगरानी शुरू कर दी। ग्रामीणों और गोताखोरों की मदद से दोनों बच्चों की लगातार तलाश की जा रही है। घटना की गंभीरता को देखते हुए एनडीआरएफ को भी सूचना दे दी गई है। हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में चिंता और गम का माहौल है, जबकि परिजन बच्चों के सकुशल मिलने की उम्मीद लगाए हुए हैं।
सोनभद्र से बहुत ही दुःखद ख़बर
सोन नदी में अवैध और अनियंत्रित खनन के कारण बड़े-बड़े कृतिम गहरे गड्ढे बन गए हैं, जो अब जानलेवा तालाबों का रूप ले चुके हैं। आजीविका की तलाश में नदी में जाने वाले मछुआरा एवं निषाद समाज के लोगों को इन कृत्रिम गड्ढों की गहराई का सही अनुमान नहीं हो पाता, जिसके कारण आए दिन दुःखद दुर्घटनाएँ हो रही हैं और लोगों की जान जा रही है। आज भी तीन लोगों की डूबने से मृत्यु हो गई, जो इस गंभीर समस्या की भयावहता को दर्शाता है।
नदी की प्राकृतिक धारा और स्वरूप को गंभीर क्षति पहुँची है। प्रदेश में खनन विभाग स्वयं मुख्यमंत्री जी के पास होने के बावजूद सोन नदी का जिस प्रकार चीरहरण किया गया है, वह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है।
इस गंभीर समस्या को लेकर निषाद समाज द्वारा कुछ दिन पूर्व जिलाधिकारी महोदय को ज्ञापन सौंपकर धरना-प्रदर्शन भी किया गया था तथा अवैध खनन पर रोक लगाने और नदी को सुरक्षित बनाने की मांग उठाई गई थी। इसके बावजूद स्थिति में अपेक्षित सुधार न होना चिंता का विषय है। इस गंभीर मामले में तत्काल प्रभावी कार्रवाई की आवश्यकता है।






