बालिका गृह में हाईकोर्ट के निर्देश पर औचक निरीक्षण 51 बालिकाओं का जाना हाल मिशन शक्ति और कचरा प्रबंधन पर चला जागरूकता अभियान

तेज़ एक्सप्रेस न्यूज – किरण साहनी

सोनभद्र
राबर्ट्सगंज, माननीय उच्च न्यायालय, इलाहाबाद के निर्देशों के अनुपालन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सोनभद्र ने मंगलवार को बालिकाओं की सुरक्षा, संरक्षण और उनके अधिकारों को लेकर एक महत्वपूर्ण पहल की। जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष के निर्देशन में गठित निरीक्षण समिति ने राबर्ट्सगंज स्थित पूर्वासी ग्रामीण उत्थान विकास सेवा समिति द्वारा संचालित बाल गृह (बालिका) का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान बालिकाओं की रहन-सहन, सुरक्षा, स्वास्थ्य, भोजन, शिक्षा और कानूनी अधिकारों से जुड़े विभिन्न पहलुओं की गहन समीक्षा की गई।निरीक्षण टीम में अपर जनपद न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) ओमकार शुक्ला तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं सिविल जज (सी.डी.) राहुल शामिल रहे। बाल गृह की अधीक्षिका नीलम सिंह एवं अन्य कर्मचारी भी निरीक्षण के समय मौजूद रहे।
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि बाल गृह में कुल 51 बालिकाएं आवासित हैं। इनमें 28 बालिकाएं सोनभद्र, 19 मिर्जापुर, 3 भदोही, 1 शाहजहांपुर की हैं, जबकि परिसर में 2 नवजात शिशु भी मौजूद हैं। समिति ने बालिकाओं से बातचीत कर उनकी दिनचर्या, सुविधाओं और आवश्यकताओं की जानकारी ली।
निरीक्षण में यह भी पाया गया कि बाल गृह में साफ-सफाई की व्यवस्था संतोषजनक है तथा निर्धारित मेन्यू के अनुसार पौष्टिक नाश्ता एवं भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। समिति ने बालिकाओं के स्वास्थ्य, सुरक्षा और देखभाल की व्यवस्थाओं का भी अवलोकन किया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
इस दौरान बालिकाओं को विभिन्न महत्वपूर्ण कानूनों एवं उनके अधिकारों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। उन्हें पॉक्सो अधिनियम, घरेलू हिंसा से महिला संरक्षण अधिनियम, दहेज प्रतिषेध अधिनियम, गर्भ का चिकित्सीय समापन अधिनियम, मातृत्व लाभ अधिनियम, कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम संबंधी कानून, पूर्व गर्भाधान एवं प्रसव पूर्व निदान तकनीक (पीसीपीएनडीटी) अधिनियम, समान पारिश्रमिक अधिनियम, हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम सहित महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा एवं अधिकारों से जुड़े अनेक कानूनी प्रावधानों की जानकारी देकर उन्हें जागरूक किया गया।
निरीक्षण के साथ ही “मिशन शक्ति” अभियान के छठे चरण के अंतर्गत महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को लेकर विशेष जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। कार्यक्रम में अधीक्षिका एवं स्टाफ को निर्देशित किया गया कि बालिकाओं को समय-समय पर उनके कानूनी अधिकारों, पीड़ित क्षतिपूर्ति योजना, निःशुल्क विधिक सहायता, बाल विवाह निषेध, गिरफ्तारी के दौरान महिलाओं के अधिकार तथा अन्य महत्वपूर्ण कानूनों की जानकारी नियमित रूप से उपलब्ध कराई जाए।
इसी क्रम में उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की कार्ययोजना 2026-27 के तहत राबर्ट्सगंज स्थित काशीराम आवास परिसर के पास कचरा प्रबंधन एवं स्वच्छता विषय पर भी विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया। चीफ एल.ए.डी.सी. शमशेर बहादुर सिंह सहित लगभग 50 लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान लोगों को बताया गया कि स्वस्थ समाज ही स्वस्थ राष्ट्र की नींव है, इसलिए प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि वह स्वच्छता को अपनी आदत बनाए और कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण करे। लोगों को गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग डिब्बों में रखने की जानकारी दी गई। हरे डिब्बे में रसोई का जैविक कचरा, नीले डिब्बे में प्लास्टिक और कागज, लाल डिब्बे में बैटरी व इलेक्ट्रॉनिक अपशिष्ट, पीले डिब्बे में मेडिकल व बायोमेडिकल कचरा तथा काले डिब्बे में धूल-मिट्टी और अन्य अनुपयोगी सामग्री डालने की सलाह दी गई। साथ ही यह भी बताया गया कि कचरे का सही प्रबंधन पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और जनस्वास्थ्य के लिए कितना आवश्यक है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने नागरिकों से अपील की कि वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें, कानून का सम्मान करें और समाज में स्वच्छता, सुरक्षा तथा महिला सम्मान को बढ़ावा देने में सक्रिय भूमिका निभाएं। यह संयुक्त अभियान न केवल बालिकाओं के अधिकारों की रक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ, बल्कि आमजन को स्वच्छ और जिम्मेदार नागरिक बनने का संदेश भी दे गया।

Leave a Comment