तेज़ एक्सप्रेस न्यूज – किरण साहनी
सोनभद्र। बरसात के मौसम में फैलने वाले संचारी एवं वेक्टर जनित रोगों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जनपद में स्वास्थ्य विभाग ने व्यापक स्तर पर अभियान छेड़ दिया है। 1 जुलाई से संचारी रोग नियंत्रण अभियान और 11 जुलाई से दस्तक अभियान लगातार संचालित किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया, डायरिया, क्षय रोग, कुष्ठ, कालाजार तथा अन्य संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के साथ-साथ समय रहते मरीजों की पहचान कर उन्हें उपचार उपलब्ध कराना है।जिला प्रशासन के निर्देशन में स्वास्थ्य, पंचायतीराज, नगर निकाय, शिक्षा, बाल विकास एवं अन्य विभागों की संयुक्त टीमें गांव-गांव और मोहल्लों में पहुंचकर साफ-सफाई, जनजागरूकता और स्वास्थ्य परीक्षण का कार्य कर रही हैं। विशेष रूप से उच्च जोखिम वाले गांवों में माइक्रोप्लान के तहत अभियान चलाया जा रहा है, जहां संक्रमण फैलने की आशंका अधिक रहती है।
अभियान के दौरान सफाईकर्मी, आशा बहुएं, आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियां, पंचायत सहायक और ग्राम प्रधान मिलकर नालियों की सफाई, झाड़ियों की कटाई, जलभराव समाप्त कराने, खराब हैंडपंपों का चिन्हीकरण एवं मरम्मत, हैंडपंप चबूतरों की मरम्मत तथा शौचालय निर्माण जैसे कार्यों को तेजी से अंजाम दे रहे हैं। साथ ही ग्रामीणों को मच्छरों से बचाव, स्वच्छ पेयजल के उपयोग, घर के आसपास साफ-सफाई रखने और संक्रामक रोगों से बचने के उपायों की जानकारी भी दी जा रही है।
जनजागरूकता अभियान भी बड़े पैमाने पर चलाया जा रहा है। अब तक 1,895 विद्यालयों में जागरूकता रैलियां निकाली जा चुकी हैं। 257 गांवों में प्रभात फेरियां और 266 ग्राम सभाओं में स्वास्थ्य जागरूकता बैठकें आयोजित कर लोगों को बीमारियों से बचाव के प्रति जागरूक किया गया। इसके अलावा 1,172 स्थानों पर झाड़ियों की कटाई, 1,137 हैंडपंपों की मरम्मत, 468 हैंडपंप चबूतरों की मरम्मत, 329 शौचालयों का निर्माण, 640 ग्रामीण एवं 676 शहरी नालियों की सफाई कराई गई। मच्छरों के प्रकोप को रोकने के लिए 60 शहरी वार्डों में फॉगिंग कराई गई, जबकि 123 सूकर पालकों का संवेदीकरण तथा 264 स्थानों पर कृतंक नियंत्रण संबंधी गोष्ठियां भी आयोजित की गईं।
दस्तक अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर रही हैं। बुखार, मलेरिया, डायरिया, कालाजार, कुष्ठ, क्षय रोग तथा आईएलआई (खांसी-जुकाम) के लक्षण वाले लोगों की पहचान कर तत्काल जांच एवं उपचार की व्यवस्था की जा रही है। बुखार से पीड़ित व्यक्तियों की आरडीटी किट से जांच कराई जा रही है और मलेरिया के पॉजिटिव मरीजों को समयबद्ध उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।अभियान के दौरान खांसी-जुकाम के लक्षण वाले 137 तथा क्षय रोग के संभावित 95 व्यक्तियों को चिन्हित कर आवश्यक जांच एवं उपचार के लिए स्वास्थ्य संस्थानों को भेजा गया है। इसके अलावा डायरिया और अन्य संक्रामक रोगों के संभावित मरीजों पर भी लगातार निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार के संक्रमण को समय रहते नियंत्रित किया जा सके।
स्वास्थ्य विभाग ने जनपदवासियों से अपील की है कि वे अपने घरों और आसपास साफ-सफाई बनाए रखें, कहीं भी जलभराव न होने दें, मच्छरों से बचाव के लिए मच्छरदानी और अन्य सुरक्षा उपाय अपनाएं तथा बुखार, खांसी, जुकाम, डायरिया या किसी भी संक्रामक बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत निकटतम स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर जांच और उपचार कराएं। विभाग का कहना है कि जनसहभागिता, स्वच्छता और समय पर उपचार ही संचारी रोगों पर प्रभावी नियंत्रण का सबसे मजबूत माध्यम है।





