तेज़ एक्सप्रेस न्यूज – किरण साहनी
सोनभद्र। जनपद में जमीन और भवन की खरीद-बिक्री करने वाले लोगों के लिए बड़ी खबर है। प्रशासन ने वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तावित नई मूल्यांकन सूची (सर्किल रेट) तैयार कर ली है। यह नई सूची 1 अगस्त 2026 से लागू होगी। इससे पहले जिला प्रशासन ने आम नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, अधिवक्ताओं, बिल्डरों, व्यापारियों एवं अन्य संबंधित पक्षों से एक सप्ताह के भीतर सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित की हैं, ताकि अंतिम सूची को अधिक पारदर्शी, न्यायसंगत और जनहितकारी बनाया जा सके।
जिला प्रशासन के निर्देश पर जनपद के सभी उपजिलाधिकारियों एवं उपनिबंधकों द्वारा अपने-अपने क्षेत्रों का व्यापक सर्वेक्षण कर संशोधन, परिवर्तन और विलोपन संबंधी प्रस्ताव तैयार किए गए हैं। इन प्रस्तावों में गांवों, कस्बों एवं शहरी क्षेत्रों की भूमि का नवीनतम विवरण, खसरा संख्या आधारित अद्यतन अभिलेख, भूमि की वर्तमान उपयोगिता, व्यावसायिक एवं आवासीय विकास की स्थिति तथा प्रचलित बाजार दरों का गहन अध्ययन किया गया है।
प्रशासन का उद्देश्य है कि संपत्तियों का मूल्यांकन वास्तविक बाजार मूल्य के अनुरूप हो, जिससे रजिस्ट्री प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बने और राजस्व व्यवस्था भी सुदृढ़ हो सके। नई मूल्यांकन सूची तैयार करते समय उन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया है जहां पिछले वर्षों में तेजी से विकास हुआ है, नए व्यवसायिक प्रतिष्ठान स्थापित हुए हैं अथवा भूमि की उपयोगिता में बदलाव आया है।
प्रस्तावित सर्किल रेट सूची पर प्राप्त होने वाले सभी सुझावों और आपत्तियों का गंभीरता से परीक्षण किया जाएगा। यदि किसी क्षेत्र के नागरिक, जनप्रतिनिधि या संबंधित पक्ष यह महसूस करते हैं कि किसी भूमि का प्रस्तावित मूल्य वास्तविक स्थिति से अधिक या कम है, तो वे निर्धारित अवधि के भीतर अपना पक्ष प्रशासन के समक्ष प्रस्तुत कर सकते हैं। सभी आपत्तियों का परीक्षण करने के बाद आवश्यक संशोधन किए जाएंगे और अंतिम मूल्यांकन सूची जारी की जाएगी।
नई मूल्यांकन सूची 1 अगस्त 2026 से प्रभावी होने के बाद जनपद में भूमि, मकान, दुकान, व्यावसायिक भवन तथा अन्य अचल संपत्तियों की रजिस्ट्री उसी के अनुसार की जाएगी। ऐसे में जिन लोगों की रजिस्ट्री प्रस्तावित है, उनके लिए नई सर्किल रेट सूची की जानकारी लेना बेहद महत्वपूर्ण होगा।
जिला प्रशासन ने जनपदवासियों से अपील की है कि प्रस्तावित मूल्यांकन सूची का अवलोकन कर यदि किसी प्रकार का सुझाव या आपत्ति हो तो निर्धारित समय सीमा के भीतर अवश्य उपलब्ध कराएं, ताकि अंतिम सूची सभी पक्षों के हितों को ध्यान में रखते हुए तैयार की जा सके। प्रशासन का मानना है कि जनसहभागिता से तैयार होने वाली मूल्यांकन सूची अधिक पारदर्शी, व्यावहारिक और विवाद रहित होगी।





