– मामला धनवंतरी चिकित्सालय का।
तेज़ एक्सप्रेस न्यूज़ – विशाल गुप्ता
बीजपुर – सोनभद्र
ग्राम सभा बीजपुर के पुनर्वास प्रथम निवासी बृज किशोर गुप्ता पुत्र स्व0 मुराहु साव ने धनवंतरी चिकित्सालय के मुख्य चिकित्साधिकारी को लिखे एक शिकायती पत्र में चिकित्सालय के एक चिकित्सक व नर्स पर मनमानी का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है। श्री गुप्ता ने शिकायती पत्र की प्रतिलिपि प्रबंध निदेशक एन टी पी सी नई दिल्ली, जनपद सोनभद्र के जिलाधिकारी व मुख्य चिकित्साधिकारी के साथ-साथ एन टी पी सी रिहन्दनगर के मुख्य महा प्रबंधक, प्रबंधक सतर्कता विभाग नई दिल्ली एवं समाचार पत्रों के प्रतिनिधियों को लिखे पत्र में अवगत कराया है कि उन्होंने अपनी 26 वर्षीया पुत्री को चालू वर्ष 2021 के चालू माह अगस्त के पांच तारीख को बीमारी की हालत में धनवंतरी चिकित्सालय में भर्ती करवाया था। जहाँ उसका दवा व उपचार डॉ0 ए के ठाकुर द्वारा किया जा रहा था।चार दिन उपचार के उपरांत उनके बेटी की हालत खराब देख चिकित्सक द्वारा उसे वाराणसी के लिए रेफर कर दिया गया। उनके अनुसार इन चार दिनों में उनकी बेटी को 60 इंजेक्शन व लगभग 20 के आसपास पानी का बोतल चढ़ाया गया। साथ ही साथ उनसे डिस्चार्ज के समय चिकित्सालय की एक नर्स द्वारा बिल के एवज में रूपया 8428 वसूला गया। जबकि चिकित्सक द्वारा लिखे गए पर्ची के आधार पर उन्होंने 6000 रुपए की दवा व इंजेक्शन मेडिकल स्टोर से खरीद कर चिकित्सालय को सुपुर्द किया था। उन्होंने आरोप लगाया है कि मेरी पुत्री के इलाज में डॉ0 व नर्स द्वारा लापरवाही की गई साथ ही साथ मनमानी बिल भी उनसे वसूला गया। बिल के बारे में जानकारी मांगने पर उन्हें जानकारी नहीं दी गई।प्रार्थी ने संबंधितों से उक्त डॉक्टर व नर्स की जांच कराकर उसके खिलाफ उचित विधिक कार्रवाई की मांग की है। इस संदर्भ में जब सोमवार की अपराह्न डॉ0 ठाकुर से बातें की गई तो उन्होंने कहा कि अभी तक मेरे पास कोई शिकायती पत्र नहीं आया है। इसका जवाब तो चिकित्सालय की मुख्य चिकित्साधिकारी ही देंगी। अगली कड़ी में जब मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 रेणु सक्सेना से जानकारी करने की कोशिश की गई तो पता चला कि वह तो अभी अवकाश पर हैं। चार्ज पर रहकर चिकित्सालय की बागडोर संभाल रहीं डॉ0 मनीषा कुलश्रेष्ठ ने इस बावत अनभिज्ञता जताते हुए कहा कि मैं तो चार दिन से ही चार्ज पर हूँ। जब जनपद के राजकीय चिकित्सालय के मुख्य चिकित्साधिकारी से बातें की गई तो उन्होंने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आ चुका है। जांच टीम द्वारा जांच कराकर यदि कोई दोषी पाया जाएगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी। मामला जो भी हो इसका पूरी तरह से खुलाशा तो जांच के उपरांत ही खुलकर सामने आ पाएगा। लेकिन प्रार्थी का कहना है कि मैं जांच की मांग इसलिए कर रहा हूँ ताकि अन्य किसी मरीज के साथ दुबारा मनमानी न किया जाय।






