का.वि.वि के दो छात्र गुटों मे वर्चस्व को लेकर खूनी संघर्ष

तेज़ एक्सप्रेस न्यूज़ – महेन्द्रराज शुक्ल

कानपुर – उत्तर प्रदेश

छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय में मंगलवार की सुबह उस समय अफरा तफरी मच गई जब बीटेक छात्रों के दो गुट आमने सामने आ गए। दोनों गुटों के बीच मारपीट शुरू होते ही भगदड़ मच गई और चार छात्र जख्मी हो गए। यूनिवर्सिटी के सुरक्षा कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर हालात संभाले और घायल छात्रों को विश्वविद्यालय के अस्पताल पहुंचाया। बताया जा रहा है कि आनलाइन क्लास के समय शुरू हुई खुन्नस काे लेकर विश्वविद्यालय खुलने के बाद मारपीट हुई है। घायल छात्रों का प्राथमिक उपचार यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज में चल रहा है।
सीएसजेएमयू विश्वविद्यालय में ऑफलाइन पढ़ाई शुरू होने को अभी एक सप्ताह भी नहीं बीता है कि छात्रों में वर्चस्व की जंग की शुरुआत भी हो गई है। मंगलवार की सुबह करीब बारह बजे क्लास पूरी होने के बाद बीटेक छात्रों के दो गुटों की कैंटीन के सामने जमकर मारपीट हुई। केमिकल इंजीनियरिंग प्रथम वर्ष के छात्र प्रशांत चौबे, एमएसएमई प्रथम वर्ष के छात्र शास्वत शुक्ला,आइटी प्रथम वर्ष के छात्र अनंत चौबे व केमिकल अंतिम वर्ष के छात्र दिव्यांशु घायल हो गए। विश्वविद्यालय के यूनिवर्सिटी इंस्टिट्यूट ऑफ हेल्थ साइंसेज में उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया।
प्रशांत ने बताया कि सुबह जब लेने के लिए विश्वविद्यालय आया था तभी केमिकल इंजीनियरिंग प्रथम वर्ष के आयुष मिश्रा के साथ कार से बाहरी व्यक्ति परिसर में घुस आए थे। इससे पहले कि वह कुछ समझ पाता कैंटीन के पास उससे मारपीट करना शुरू कर दी और लाठी-डंडों से पीटकर जख्मी कर दिया। बचाने आए साथियों को भी मारापीटा। पुलिस की प्राथमिक छानबीन में सामने आया है कि दोनों छात्रों के बीच खुन्नस ऑनलाइन कक्षा के दौरान शुरू हुई थी। दोनों एक दूसरे पर कमेंट पास करते थे और जब क्लास शुरू हुईं तो नौबत गाली गलौज तक पहुंच गई थी। मंगलवार को क्लास के बाद छात्रों के बीच मारपीट हुई है।प्रशांत ने लिखित शिकायत दी है, जबकि दूसरा छात्र सामने नहीं आया है।
यूनिवर्सिटी इंस्टिट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग लॉजी के निदेशक डॉ दृष्टि मित्रा का कहना है कि आंतरिक कमेटी बनाकर मामले की जांच की जाएगी। दोषी पाए जाने पर छात्रों पर कार्रवाई तय है। अनुशासन बनाने में जो छात्र सहयोग नहीं करेंगे, उनके अभिभावक को भी पत्र भेजा जाएगा। चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर संजय स्वर्णकार ने बताया कि इस मामले में सहपाठियों से भी पूछताछ की जाएगी। सुरक्षा अधिकारी डॉक्टर आरपी सिंह ने बताया कि छात्र आउटसाइडर नहीं थे। कार से आने वाले छात्रों का पहचान पत्र सुरक्षा गार्ड ने चेक किया था और उसके बाद ही प्रवेश दिया गया था। बिना पहचान पत्र दिखाएं व कारण बताए किसी को भी प्रवेश नहीं दिया जाता है। मारपीट की घटना के बाद कुछ समय के लिए गेट बंद कर दिया गया था, पुलिस के आने के बाद उसे खोला गया।

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