स्वयं को चुनौती देकर चुनौतियों का सामना करे -सुरेन्द्र अग्रहरि

तेज़ एक्सप्रेस न्यूज़ – इब्राहिम खान

दुद्धी – सोनभद्र

चुनौतियाँ जीवन का स्वाभाविक अंग है, ये हमारी सुप्त शक्तियों को झकझोर कर इनको जाग्रत करने आती हैं लेकिन यदि हम इनके लिए तैयार नहीं है तो ये ही चुनौतियाँ हमारे लिए तनाव , अवसाद का कारण बन जाती हैं व जीवन को कष्टमय बना देती हैं। इसलिए जीवन में चुनौतियों के महत्व का एहसास महत्वपूर्ण हो जाता है जिससे कि हम इनका साहस व धैर्य के साथ सामना कर सके और इनको जीवन के उत्कर्ष की सीढ़िया बना सके। यदि हम स्वयं को चुनौती नही दे पाएंगे तो कभी नहीं जान पाएंगे कि हमारी क्षमताएँ क्या है, हम क्या कर सकते है, क्योकि चुनौतीपूर्ण क्षणों मे ही हमारी वास्तविक क्षमताएं प्रकट होती हैं। उक्त बाते डीसीएफ चेयरमैन सुरेन्द्र अग्रहरि ने दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना संस्थान में आयोजित शिक्षक दिवस के अवसर पर प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे छात्र, छात्राओ को सम्बोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि देश के पूर्व राष्ट्रपति सर्व पल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिवस पर आयोजित होने वाले शिक्षक दिवस पर संकल्प लेना होगा कि हम समाज में परिवर्तन लाने के लिए अपने समाज के सभी वर्ग के लोगो को शिक्षित और जागरूक करेंगे।
समाज मे परिवर्तन के लिए शिक्षित होना जरूरी
शिक्षित और सभ्य समाज में ही जिम्मेदार नागरिको का निर्माण होता है। यदि अपने देश को प्रगति के पथ पर ले जाना है तो वर्ग, धर्म, का भेदभाव मिटाकर समरूपता की भावना से समाज में रहने वाले प्रत्येक परिवार को शिक्षित करना होगा। इस अवसर पर दीपक तिवारी, अरविंद तिवारी, औरंगजेब आलम के साथ साथ संस्थान के ट्रेनर व ट्रेनी उपस्थित रहे।

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