तेज़ एक्सप्रेस न्यूज़ – प्रदीप चंद्रवंशी
केतार – गढ़वा (झारखण्ड)
केतार अंचल कार्यालय में स्टाफ की कमी एवं नेटवर्क नहीं रहने के कारण आम जनता का कार्य सुचारू रूप से संपादित नहीं हो पा रहा है. केतार अंचल के अन्तर्गत 31राजस्व गांव हैं. जिसे चार हल्कों में बांटा गया है. ऐसे में सुचारू रूप से राजस्व कार्यो के निपटारे के लिए चार राजस्व कर्मचारी और एक अंचल निरीक्षक की आवश्यकता है. परंतु वर्तमान में तीन राजस्व कर्मचारी की पदस्थापना है. इनमें से एक राजस्व कर्मचारी अरुण चंद्रवंशी की तबीयत खराब रहने के कारण उन्हें हल्का आवंटित नहीं किया गया है. इस तरह वर्तमान में महज दो हल्का कर्मचारियों के भरोसे चार हल्का के साथ-साथ अंचल निरीक्षक का कार्य संपादित किया जा रहा है. ऐसे में 31 गांव के सैकड़ों लोगों का आय,जाति, निवास आनलाईन छोड़ने में ही अधिकतर समय व्यतीत हो रहा है. जबकि दिनों दिन भूमि संबंधित मामले लंबित पड़ते जा रहे हैं. ईधर सही समय पर भूमि संबंधी मामलों का निपटारा नहीं होने पर आये दिन ग्रामीण आपस में मारपीट कर भूमि विवाद का मामला लेकर थाने पहुंच रहे हैं. वहीं अंचल कार्यालय में नेटवर्क नहीं रहने के कारण मोटेशन,अपडेशन, पंजी टू का अद्यतन आदि कार्यों के लिये अंचल स्टाफ को भवनाथपुर एवं श्री बंशीधर नगर नेटवर्क में जाकर आनलाईन कार्यों का निपटारा किया जाता है. ऐसे में स्टाफ और नेटवर्क की कमी के कारण आम जनता के साथ – साथ अंचलकर्मियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
क्या कहते हैं जनप्रतिनिधि
इस सबंध में पुछने पर प्रमुख सुमन सिंह ने कहा कि नेटवर्क की कमी से जिले के उच्च अधिकारियों को अवगत कराया गया है. वहीं अंचल कर्मी की मांग के लिये उपायुक्त से पत्राचार की जायेगी. जिला परिषद सदस्य ज्वाला प्रसाद ने कहा कि स्टाफ की भारी कमी है. जिले में होने वाली बैठक में इसका आवाज उठाऊंगा तथा उपायुक्त एवं उप विकास आयुक्त को अवगत करा कर उक्त समस्याओं के समाधान कराने का प्रयास करूंगा.






