लोक सेनानी , समाज के पुरोधा व दुद्धी के अभिभावक डॉ राजकिशोर नहीं रहे,सम्मान में गुरुवार की रामलीला मंचन हुई स्थगित

तेज़ एक्सप्रेस न्यूज़ – इब्राहिम खान

दुद्धी/ सोनभद्र

समाज के पुरोधा व दुद्धी के अभिभावक के तौर पर जाने जाने वाले 90 वर्षीय डॉ राजकिशोर सिंह नही रहे ,कल गुरुवार की रात्रि 10 बजे उनके निधन की खबर सुनते ही समूचे क़स्बे में शोक की लहर दौड़ पड़ी , गुरुवार की रात्रि स्थानीय तहसील प्रांगण स्थित रामलीला मंच पर चल रहे रामलीला के मंचन को भी उनके सम्मान में रोक दिया गया|सुबह तक यह समाचार दुद्धी क़स्बे में फैल गई और उनके निधन की खबर सुनकर सभी जनमानस स्तब्ध रह गए|
इससे पूर्व व्यक्तित्व के धनी लोक सेनानी ,हिन्दू समाज के प्रखर वक्ता ,पेशे से चिकित्सक ,राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व जिला सर संघचालक ,रामलीला कमेटी के संरक्षक डॉ राजकिशोर सिंह के देवहसान होने पर आज सुबह 8:45 बजे संकट मोचन मंदिर प्रांगण में विभिन्न हिन्दू संगठनों , व्यापार मंडल ,अधिवक्ता संघ के लोगों ने दो मिनट का मौन रख पुण्य आत्मा की शांति व श्री चरणों मे स्थान देने की कामना की|
इस मौके पर राम नरेश पासवान देव नारायण जायसवाल ,नंदकिशोर तिवारी , श्याम जी सिंह गौतम ,रामलीला कमेटी के अध्यक्ष रविन्द्र जायसवाल , जेवीएस अध्यक्ष विंध्य वासनीय बिंदु कन्हैया लाल अग्रहरी , मनोज सिंह छोटे लाल राम पाल जोहरी जितेन्द्र श्रीवास्तव पंचायत अध्यक्ष राजकुमार अग्रहरी ,व्यापार मंडल अध्यक्ष अक्षयबर नाथ , सुरेन्द्र अग्रहरि गोरख सिंह पंकज सिंज अग्रहरि सुमित सोनी मनोज निश्रा सत्य नारायण सिंह दिनेश आढ़ती , नन्दलाल ,रामलोचन तिवारी ,डॉ लवकुश , भोला आढ़ती ,कमल कुमार कानू ,दिलीप पांडेय,राफ़े खान ,गणेश जौहरी , कमलेश सिंह कमल ,अनिल कुमार ,विष्णुकांत तिवारी,सुरेंद्र गुप्ता ,आलोक अग्रहरी मौजूद रहें|
जिला से संघ विभाग प्रचारक दुद्धी से संघ प्रचारक इद्रेश तिवारी जी जीत सिंह भी मोजूद रहे
जानकारी के अनुसार डॉ राजकिशोर इधर कुछ दिनों से वे अस्वस्थ चल रहे थे जिनका उपचार वाराणसी के एक निजी अस्पताल में चल रहा था कि कल गुरुवार की रात्रि 9:45 बजे अंतिम सांस ली|

गार्ड ऑफ ऑनर के साथ लोक सेनानी डॉ राजकिशोर को दी गई अंतिम विदाई,पंचतत्व में हुए विलीन

आज दोपहर लोक सेनानी डॉ राजकिशोर सिंह के पार्थिव शरीर की शवयात्रा पूरे सम्मान के साथ निकाली गई और गार्ड ऑफ ऑनर के सलामी के साथ कनहर व ठेमा नदी संगम तट पर दाह संस्कार कर दिया गया|और वे पंचतत्व में विलीन हो गये|
आज सुबह उनका पार्थिव शरीर वाराणसी से दुद्धी क़स्बा पहुँचा जहां उनकी अंतिम दर्शन के लिए उनके आवास पर जन सैलाब उमड़ पड़ा अंतिम दर्शन का कार्य दोपहर तक चलता रहा ,वहीं पूरे सम्मान के साथ उनकी पार्थिव शरीर की शवयात्रा निकाली गई जो क़स्बे के प्रमुख मार्गों से होते हुए कनहर व ठेमा नदी संगम तट पर पहुँचा ,जहाँ गार्ड ऑफ ऑनर के सलामी के बाद उनके ज्येष्ठ पुत्र ओंकार नाथ ने मुखाग्नि दी और वे पंचतत्व में विलीन हो गए|इस मौके नगर के प्रमुख लोगों के अलावा ,समाज सेवी , प्रबुद्ध वर्ग सहित काफी संख्या में लोग मौजूद रहें|चारों तरफ का माहौल गमगीन था|

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