बालू के अभाव में लाभार्थी पी एम आवास बनाने से कर रहे इंकार,ग्राम प्रधानों पर अधिकारी बना रहे दबाव

तेज़ एक्सप्रेस न्यूज़ – इब्राहिम खान

बालू की आसमानी छूती कीमतों के कारण पी एम आवास व शौचालय निर्माण कार्य कराने में हाथ खड़े करने को मजबूर लाभार्थी

पी एम आवास की पहली किस्त 44 हजार तथा शौचालय की पहली किस्त 6 हजार रुपये खाते में भेजे जाने के बाद भी कई लाभार्थियों ने नही शुरू किया काम

दुद्धी/सोनभद्र। सरकार की हर गरीब का घर पक्का होगा के सपने को साकार करने में लगातार प्रयास से गरीबों को प्रधानमंत्री आवास तो मिल जा रहे हैं लेकिन मैटीरियल की आसमान छूती कीमतों एवं बालू के अभाव के कारण गरीबों के पक्के घर बनाने का सपना पूरा होता नही दिख रहा है।इसलिए दुद्धी ब्लॉक क्षेत्र के विभिन्न गांवों में आबंटित किए गए प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्रीआवास का निर्माण कार्य लाभार्थी समय से पूरा करने में हाथ खड़े करने लगे हैं जिससे ब्लॉक क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास एवं शौचालय का निर्माण कार्य अधूरा पड़ा हुआ। ब्लॉक सूत्रों की माने तो पूरे ब्लॉक में अभी भी 100 – 150 आवास अधूरे पड़े या तो शुरू ही नही किए जा सके।वही हाल शौचालय निर्माण का भी है।जिसके कारण ग्राम प्रधानों को कई बार अधिकारियों के आक्रोश का भी शिकार होना पड़ रहा है और पी एम आवास,मुख्यमंत्री आवास तथा शौचालय निर्माण जल्द पूर्ण कराने को लेकर ग्राम प्रधानों पर लगातार दबाव बनाए जा रहे हैं।
नाम न उजागर करने के शर्त पर पी एम आवास एवं मुख्यमंत्री आवास के लाभार्थियों ने बताया कि आवास के लिए पहली किस्त 44 हजार रुपये दी जा रही हैं लेकिन इस महंगाई में समझ नहीं आ रहा है कि ईंट खरीदे या बालू या सीमेंट या गिट्टी ? दूसरी तरफ वन एवं पुलिस तथा राजस्व विभाग का लोकल बालू उपयोग नही करने का दबाव है।इसलिए सबसे अधिक किल्लत बालू की हो रही हैं।दुद्धी क्षेत्र में वैसे तो बालू कोई भी लीगल साइड शुरू नही है फिर भी एक टिपर बालू की कीमत 16 से 18 हजार रुपये तक बताई जा रही हैं तो वहीं प्रति ट्रैक्टर भी बालू का दाम 3 हजार रुपये के करीब हैं जबकि ईंट का दाम भी 5 हजार रुपये प्रति हजार के करीब हैं।ऐसे में एक पी एम आवास या मुख्यमंत्री आवास के लाभार्थी का प्रथम क़िस्त का पैसा एक टिपर बालू औऱ एक गाड़ी ईंट भर भी नही हो पा रही हैं तो सीमेंट एवं गिट्टी तथा सरिया और मजदूरी कहां से देय होगी ?यह एक बड़ा सवाल आज हर एक पी एम आवास एवं मुख्यमंत्री आवास के लाभार्थी के जेहन में दौड़ रहा है। इसी तरह शासन के प्राथमिकता पर दुद्धी ब्लॉक के चेरो जनजाति के लिए आए सैकड़ो आवास भी लगभग पहली किस्त जारी होने के बाद भी बालू के अभाव में कई लोगों ने आवास का निर्माण शुरू नही कर सका है जबकि आवास बनवाने के लिए लगातार दबाव बनाए जा रहे हैं लेकिन बालू के अभाव के कारण आवास एवं शौचालय का निर्माण कार्य पूरे नही हो पा रहे हैं।

अपना दल एस युवा मोर्चा के विधानसभा अध्यक्ष बृजेश उर्फ राजू कुशवाहा ने कहा कि बालू के अभाव में दुद्धी ब्लॉक क्षेत्र के अधिकांश गांवों में पी एम एवं सी एम आवास तथा शौचालय का निर्माण कार्य प्रभावित हो रहे हैं।लाभार्थियों को लोकल बालू उपयोग करना नही है और इस समय दुद्धी ब्लॉक क्षेत्र में कोई लीज भी नहीं चल रही हैं।जिसके कारण लाभार्थियों को बालू बाहर मंगाना बहुत महंगा पड़ रहा है।इसलिए आवास तथा शौचालय का निर्माण कार्य प्रभावित हो रहा है।

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