प्रकृति की मार,आलू रोऐ जार-जार

तेज़ एक्सप्रेस न्यूज़ –

उन्नाव/गायत्री शुक्ला

 : रबी फसल में इस बार बोई गई अगेती आलू की फसल बारिश के कारण बेकार हो गई है। इससे अब किसान एक बार फिर से खेत में आलू बीज गाड़ने में जुटा हैं। ऐसे में उनकी मेहनत के साथ लागत भी बढ़ गई है, लेकिन मजबूरी में किसानों को सीजन पर फसल तैयार करने के लिए पसीना बहाना पड़ रहा है।
इस बार प्रकृति ने बिन मौसम बारिश करके किसानों पर कहर बरपा दिया है। धान के साथ साथ आलू की फसल तैयार कर रहे किसान को भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। खेत में पानी भर जाने के कारण आलू बीज तैयार होने से पहले ही सड़ने लगा। फसल पर संकट मंडराते देख किसानों ने पुन: आलू का बीज लाकर आलू बोई जा रही है। दोहरी लागत लगने से दिक्कतें हो रही हैं। उन्हें चिता है कि आगे की फसल का क्या होगा। पहले चरण में करीब 18 से 20 हजार रुपये की लागत लगी थी। पुन: आलू की बोआई में 10 से 11 हजार की लागत फिर लग रही है।

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