तेज़ एक्सप्रेस न्यूज़ – प्रदीप दुबे
ग़ाज़ीपुर में आल इंडिया फेयर प्राइज शाप डीलर्स फेडरेशन, उप्र (इकाई) के बैनर तले शनिवार को लंका मैदान में स्थित मैरिज हाल में सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें कोटेदारों की समस्याओं की चर्चा करते हुए इसके समाधान के लिए हुंकार भरी गई। मुख्यमंत्री को सम्बोधित 11 सूत्री मांगों का ज्ञापन मुख्य अतिथि सहकारिता राज्य मंत्री डा. संगीता बलवंत के माध्यम से सौंपा। चेतावनी दिया कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन को बाध्य होंगे।
इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि कोटेदार प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप प्रत्येक माह दो बार राशन का वितरण पीओएस मशीन के माध्यम से पूरी पादर्शिता के साथ करते आ रहा है। कोविड-19 जैसी विषम परिस्थिति के समय भी शहरों व गांवों में कोटेदारों ने अपने और अपने परिवार की जान जोखिम में डालकर प्रत्येक घर में ईमानदारी के साथ राशन पहुंचाने का कार्य किया। फिर भी सरकार उनकी समस्याओं को लेकर गंभीर नहीं है। उन्होंने कहा कि हम सभी विक्रेताओं का 2001 से 2015 तक परिवहन व पल्लेदारी बकाया है, जिसे दिलाया जाए, पूर्व में केंद्र का शासनादेश भी इसके लिए आया हुआ है। कोविड-19 के दौरान जिन कोटेदारों की मृत्यु हुई है, उन्हें 50 लाख बीमा दिलाया जाए। एसएमआई गोदामों पर कोटेदारों द्वारा खाली बोरा जमा कराया गया है, उस बोरे का भुगतान कराया जाए। कमीशन प्रति कुंतल 300 रुपया दूसरे प्रदेशों के भांति दिलाया जाए। आंगनबाड़ी एवं अन्य संस्थाओं में जिस तरह मानदेय दिया जाता है, उसी तरह कोटेदारों को भी 25000 से 30000 प्रति माह मानदेय दिलाई जाए। जब ई पास मशीन से वितरण हो रहा है तो वितरण प्रमाण पत्र वितरण रजिस्टर मैनुअली बनाने का कोई औचित्य नहीं है, इसे बंद कराया जाए। प्रत्येक गोदामों पर सरकार द्वारा पांच टन का कांटा लगाया गया है, प्रत्येक एसएमआई को निर्देशित किया जाए कि कोटेदारों को राशन तौलकर दिया जाएं और बोरे का वटन काटकर दिलाया जाए।






