किसान मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने  मोदी सरकार की वादाखिलाफी के खिलाफ आंदोलन

तेज़ एक्सप्रेस न्यूज़ – प्रदीप दुबे

गाजीपुर । संयुक्त किसान मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने  मोदी सरकार की वादाखिलाफी के खिलाफ आंदोलन के तहत किसानों पर दर्ज फर्जी मुकदमे वापस लो, एमएसपी की गारंटी के लिए कानून बनाओ डीजल मूल्य वृद्धि वापस लेने आदि सवालों को लेकर रोष दिवस के तहत सरजू पांडेय पार्क धरना देकर महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित 7 सुत्रीय मांग पत्र तहसीलदार सदर को सौंपा। धरना को संबोधित करते हुए वक्ताओ  कहां कि संयुक्त किसान मोर्चा ने सरकार के आश्वासन पर भरोसा कर दिल्ली बॉर्डर से मोर्चा  उठाने का एलान किया लेकिन मोदी सरकार अपने वादे से मुकर ही नहीं ग ई बल्कि किसानों के ज़ख्मों पर नमक छिड़कने का काम किया है । किसान कल्याण मंत्रालय के सचिव ने एमएसपी की गारंटी के लिए एक कमेटी बनाई जाएगी वादा किया था लेकिन सरकार ने न तो कमेटी गठन की घोषणा की और ना ही कमेटी के स्वरूप और उसके मैडेट के बारे में कोई जानकारी दी।सरकार ने किसान  आंदोलन के दौरान किसानों पर दर्ज मुकदमे तत्काल प्रभाव से वापस लिए जाने का वादा किया था हरियाणा सरकार ने कार्रवाई की है लेकिन दिल्ली पुलिस कुछ दिन पहले घोषणा की थी कि वह 54 में से 17 केस वापस लेगी लेकिन अभी तक कोई सूचना नहीं है मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड हिमाचल की सरकार की तरफ से आंदोलन के दौरान बनाए गए केस वापस लेने के आश्वासन पर नाम मात्र की भी कोई कार्यवाही नहीं हुई है आंदोलन के दौरान शहीद हुए किसानों के परिजनों को मुआवजा देने पर अभी तक किसी औपचारिक निर्णय की घोषणा नही की न हीउन्हें शहीद का दर्जा दिया अगर तत्काल मुकदमे वापस नहीं होते हैं और शहीद किसानों को मुआवजा नहीं दिया जाता है तो आंदोलन तेज किया जाएगा अपने वायदे को पूरा करने के बजाय सरकार लखीमपुर खीरी कांड में एसआईटी की रिपोर्ट में षड्यंत्र की बात कही है

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