कायस्थ समाज के लोगों ने चित्रगुप्त महाराज का किया पूजन अर्चन

तेज़ एक्सप्रेस न्यूज़ – मनोज पटेल

राजगढ़, मिर्जापुर। राजगढ़ विकासखंड क्षेत्र के नदिहार में कायस्थ समाज के लोगों ने शुक्रवार को श्री चित्रगुप्त महाराज की पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर प्रतिमाएं स्थापित कर बड़े धूमधाम से चित्रगुप्त महाराज की पूजा-अर्चना की गई। पौराणिक आख्यानों के अनुसार सृष्टि की रचना के बाद ब्रह्माजी चिंतातुर हो गए। चिंता का कारण था- सकल सृष्टि की देखरेख एवं लेखा-जोखा रखना। कोई उपाय न सूझने पर ब्रह्माजी 12 हजार वर्ष की अखंड समाधि में लीन हो गए। इसके बाद उनकी काया से एक तेजस्वी बालक का जन्म हुआ, जिनका नाम ब्रह्माजी ने कायस्थ रखा और कहा कि समस्त जीवों के कर्मों का लेखा-जोखा रखना ही तुम्हारा दायित्व है। युवावस्था में उनका विवाह इरावती एवं शोभावती नामक कन्याओं से हुआ, जिनकी प्रथम चार एवं द्वितीय से आठ पुत्र उत्पन्न हुए। इन पुत्रों का नामकरण इनके शासित प्रदेश के आधार पर क्रमश: श्रीवास्तव, निगम, कर्ण, कुलश्रेष्ठ, माथुर, सक्सेना, गौड़, अस्थाना एवं वाल्मिकी आदि किया गया। आज भी कायस्थ वंश की उपजातियां इन्हीं नामों से अपनी पहचान कायम रखे हैं। उक्त अवसर पर देवी जागरण का भी कार्यक्रम रखा गया था। कार्यक्रम का उद्घाटन नदिहार ग्राम प्रधान रवि शंकर पटेल ने किया। इस अवसर पर नदिहार ग्राम प्रधान रविशंकर सिंह, दुर्गेश श्रीवास्तव, राधा लाल श्रीवास्तव, शुभम श्रीवास्तव, बादल श्रीवास्तव, मोहित लाल श्रीवास्तव, बबलू श्रीवास्तव, अजीत श्रीवास्तव, बब्बन लाल श्रीवास्तव, दीपक श्रीवास्तव, सहित अन्य लोग मौजूद थे।

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