तेजी एक्सप्रेस न्यूज – किरण साहनी
सोनभद्र/दुद्धी शनिवार का दिन दुद्धी मुख्यालय के इतिहास में प्रेरणादायक पलों में दर्ज हो गया, जब मध्यमवर्गीय परिवार में जन्मी और संघर्षों से जूझकर डॉक्टर बनी बिटिया डॉ. मुस्कान ने सामुदायिक सेवा का दायित्व संभालतें हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुद्धी में विधिवत योगदान दिया।उनका स्वागत मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. शाह आलम अंसारी ने किया। इस अवसर पर मेडिकल स्टाफ और मीडिया कर्मियों की उपस्थिति में वातावरण भावनाओं और गर्व से भर उठा।डॉ. मुस्कान ने भावुक शब्दों में कहा, “मैं मध्यम वर्ग में पैदा हुई हूं और गरीबी व संघर्षों को बहुत करीब से देखा है। मेरे माता-पिता कमल कुमार कानू और सुनीता कमल ने हर कठिन परिस्थिति में मेरा साथ दिया। उन्हीं के आशीर्वाद और प्रेरणा से मैं आज इस मुकाम तक पहुंच सकी हूं उन्होंने यह भी कहा कि उनका उद्देश्य समाज के कमजोर, गरीब, असहाय और निर्धन वर्ग के लोगों की सेवा करना है और एक डॉक्टर बनना इसी सपने को साकार करने का माध्यम बना।वहीं, डॉ. मुस्कान के पिता कमल कुमार कानू और माता सुनीता कमल अपनी बिटिया की उपलब्धि से भावुक हो उठे। पिता ने गर्व भरे स्वर में कहा, “आज का दिन हमारे लिए अत्यंत गर्व का है। हमारी बेटी ने वर्षों पुराना सपना पूरा किया है। अब वह दुद्धी में रहकर गरीबों और जरूरत मंदों की सेवा करेगी यही हमारा जीवन का सबसे बड़ा सुख है।”इस अवसर पर डॉ. संजय कुमार, स्वास्थ्य कर्मी संदीप सिंह, तथा डॉ. मुस्कान के चाचा कृपा कानू समेत बड़ी संख्या में मीडिया प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। सभी ने डॉ. मुस्कान के इस सेवा भाव और क्षेत्र के गरीब तबके के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की सराहना की।दुद्धी में इस अवसर को लेकर समाज में उत्साह का माहौल देखने को मिला। स्थानीय लोगों ने कहा कि क्षेत्र की ऐसी बेटियां आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं और यह दिन दुद्धी के इतिहास में एक “बेटी के संघर्ष से सेवा तक” की मिसाल के रूप में याद किया जाएगा।
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