तेज़ एक्सप्रेस न्यूज़ – प्रदीप दुबे
गाजीपुर। जखनियां विधानसभा चुनाव धीरे-धीरे अपने निर्णायक दौर की ओर बढ़ता नजर आ रहा है। जखनिया विधानसभा में अब यह लड़ाई भाजपा व सुभासपा के बीच आमने-सामने की टक्कर में हो गई है। लेकिन सबसे बड़ी बात है कि एक तरफ भाजपा प्रत्याशी जहां सामान्य घर में पैदा व सामान्य जीवन जीने वाले रामराज मुसहर हैं वहीं से सपा/सुभासपा प्रत्याशी के रूप में जौनपुर निवासी व कुख्यात नकल माफिया बेदी राम चुनावी मैदान में उतारे गए हैं। अकूत संपत्ति के मालिक लखनऊ, अमेठी, रायबरेली, वाराणसी सहित विभिन्न शहरों में मकान व चल अचल संपत्ति के स्वामी कुख्यात नकल माफिया बेदी राम एक सामान्य से रामराज मुसहर के सामने कहां तक टिक पाते हैं यह तो आने वाला समय बताएगा। लेकिन जखनिया में यह चर्चा तेज हो गई है कि एक तरफ जहां सामान्य रामराज मुसहर हैं वहीं दूसरी तरफ नकल माफिया। ऐसे में जनता यह सोचने पर विवश हो गई है की जखनिया का भविष्य किसके हाथ में सुरक्षित है। बेदीराम कुख्यात नकल माफिया है यह केवल राजनीतिक आरोप नहीं बल्कि सरकारी गजट के अनुसार घोषित है। वर्ष 2014 में जौनपुर के तत्कालीन पुलिस महानिरीक्षक एसटीएफ सुजीत कुमार पांडेय द्वारा खुद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लखनऊ से आधा दर्जन से अधिक संपत्ति कुर्क करने की अनुमति मांगी गई थी। वहीं विभिन्न समाचार पत्रों में छपी खबरों के आधार पर यह साबित हो चुका है बेदी राम प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक कराने में मास्टरमाइंड रहे हैं। सपा कार्यकर्ताओं द्वारा भी इस सीट पर मजबूत दावेदारी प्रस्तुत की गई थी लेकिन आनन-फानन में ओमप्रकाश राजभर दो नकल माफिया से पैसा लेकर यह सीट उन्हें सौंप दी गई जिसके बाद सपा सुभासपा कार्यकर्ताओं में काफी अंतर्कलह भी उजागर हुआ था। जो खुद सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर की रैली में अलीपुर मदरा में देखने को मिला। जहां दोनों पार्टियों के कार्यकर्ताओं में झड़प तक की नौबत आ गई थी। पिछले कई वर्षों से गरीब मजलूम व मूलभूत सुविधाओं से वंचित समाज की लड़ाई लड़ने वाले रामराज मुसहर जनसंपर्क में भी हैं सबसे आगे जखनियां में बेदी राम आम मतदाताओं के जेहन में उतरने में सफल होते नहीं नजर आ रहे हैं। राजनीतिक लड़ाई देखें तो अब जखनिया विधानसभा क्षेत्र में लड़ाई दोनों प्रत्याशियों में आमने-सामने होता नजर आ रहा है। कुल मिलाकर पिछले कई वर्षों से जनपद में गरीब मजलूम उपेक्षित लोगों की लड़ाई लड़ने वाले रामराज मुसहर क्षेत्र के प्रत्येक गांव में भ्रमण कर लोगों के दिल दिमाग में छा चुके हैं। वहीं बेदीराम अभी भी कुछ माफियाओं के शिकंजे में ही परिक्रमा करते नजर आ रहे हैं।






