तेज़ एक्सप्रेस न्यूज़ – विष्णु गुप्ता
ऊर्जा निगमों के शीर्ष प्रबन्धन के मनमाने रवैये एवं उत्पीड़नात्मक रवैये के विरुद्ध संयुक्त संघर्ष समिति के तत्वाधान में ऊर्जाकर्मियों का विरोध प्रदर्शन जारी: 17 नवम्बर को सभी जनपदों/ परियोजनाओं पर मध्याह्न 12 बजे से 14 बजे तक चलेगी आम सभा:
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उप्र के प्रांत व्यापी जन जागरण कार्यक्रम के क्रम में लगातार आज भी अनपरा में परियोजना गेट पर विरोध सभा हुई। शीर्ष प्रबंधन के स्वेच्छाचारी दमनात्मक रवैय्ये के विरोध में गेट पर संघर्ष समिति के सभी श्रम संघों के द्वारा एक घंटे का गेट मीटिंग कर विरोध सभा कर रोष व्याप्त किया गया। मांगों को न मांगने पर 29 नवम्बर से अनिश्चितकालीन कार्यबहिष्कार प्रारम्भ होगा ।
सभा को संबोधित करते हुए इं अदालत वर्मा ने बताया कि 17 नवंबर को सभी घटक श्रम संघों /सेवा संगठनों के प्रांतीय पदाधिकारी व सदस्य लखनऊ को कूच करेंगे तथा शक्तिभवन मुख्यालय पर सुबह दस बजे से सायं पांच बजे तक सत्याग्रह व प्रदर्शन करेंगे साथ ही ऊर्जा निगमों के प्रबंधन के दमनात्मक रवैय्ये को देखते हुए 17 नवम्बर को सभी जनपदों/ परियोजनाओं पर मध्याह्न 12 बजे से 14 बजे तक आम सभायें की जायेंगी। सत्याग्रह के दौरान लखनऊ में प्रबंधन के किसी भी दमनात्मक कदम का प्रान्त भर में सशक्त प्रतिकार करने हेतु सभी को एलर्ट कर दिया गया है और आवश्यकता पड़ने पर सामूहिक जेल भरो के लिये सभी को तैय्यार किया जा रहा है।
संयोजक इं रोहित राय ने कहा कि उत्पादन निगम के निदेशक मण्डल की दिनांक 14.09.2016 को सम्पन्न 169वीं बैठक में उत्पादन निगम लि0 की कार्यशील, निर्माणाधीन तथा प्रक्रियाधीन परियोजनाओं तथा मुख्यालय के लिए आधारभूत संगठनात्मक ढाँचा अनुमोदित हुआ था। उक्त अनुमोदन के अनुक्रम में निगम के विभिन्न तापीय परियोजनाओं पर मण्डल/खण्ड आदि का नामकरण, सृजन/विलोपन एवं उनमें तैनाती की जानी चाहिए थी। परन्तु परियोजनाओं और निगम मुख्यालय पर उक्त कार्यालय ज्ञाप के अनुसार पुनर्गठन कर तैनाती अभी तक नहीं की गयी है।
इं अनूप वर्मा एवं इं ओ पी पाल ने कहा ऊर्जा निगमों के शीर्ष प्रबन्धन के स्वेच्छाचारी रवैये के कारण ऊर्जा निगमों को हो रही आर्थिक क्षति एवं व्याप्त भय के वातावरण को समाप्त कराने हेतु बिजली कर्मियों की वर्षों से लम्बित न्यायोचित समस्याओ के समाधान हेतु बार-बार अनुरोध किये जाने के बावजूद कुछ भी सार्थक कार्यवाही न होने के कारण संघर्ष समिति ने सरकार व प्रबन्धन के ध्यानाकर्षण हेतु आन्दोलन का निर्णय लिया गया है।
वक्ता रविन्द्र जायसवाल ने कहा कि बिजली कर्मचारियों व अभियन्ताओं की मुख्य मांगों में ऊर्जा निगमों के सुचारू संचालन हेतु चेयरमैन, प्रबन्धन निदेशकों व निदेशकों के पदों पर चयन निर्धारित प्रक्रिया के अन्तर्गत किया जाये, सभी बिजली कर्मियों को पूर्व की भांति 09 वर्ष, कुल 14 वर्ष एवं कुल 19 वर्ष की सेवा के उपरान्त 03 पदोन्नत पदों के समयबद्ध वेतनमान दिये जायें, सभी बिजली कर्मियों को कैशलेस इलाज की सुविधा प्रदान की जाये, पारेषण में जारी निजीकरण प्रक्रिया निरस्त की जाये, आगरा फ्रेंचाईजी व ग्रेटर नोएडा का निजीकरण रद्द किया जाये, ऊर्जा कर्मियों की सुरक्षा हेतु पावर सेक्टर इम्प्लॉइज प्रोटेक्शन एक्ट लागू किया जाये, वक्त अभिषेक सिंह ने कहा कि सभी ऊर्जा निगमों का एकीकरण कर यूपीएसईबी लि का गठन किया जाये, केन्द्र के सार्वजनिक उपक्रमों की तरह प्रदेश के ऊर्जा निगमों में भत्तों का पुनरीक्षण किया जाये, रियायती बिजली की सुविधा पूर्ववत जारी रखी जाये, बिजली कर्मियों को कई वर्षों से लम्बित बोनस का भुगतान किया जाये, अन्य प्रान्तों की तरह समस्त संविदा कर्मियों को नियमित किया जाये ।
जारी आंदोलन को जिला संविदा कर्मचारी के सुरेंद्र पाल द्वारा भी समर्थन दिया गया।
सभा की अध्यक्षता इं उमेश पांडेय एवं संचालन विशम्भर सिंह ने किया। इस दौरान सत्यम यादव, सचिन राज यादव, सुमन झा, श्याम बिहारी सिंह, योगेंद्र मिश्रा, राजकुमार सिंह, राजीव यादव, कालिका प्रजापति, समेत सभी संगठनो के पदाधिकारी एवं लोग उपस्थित रहे।






