तेज़ एक्सप्रेस न्यूज़-मुन्ना लाल जायसवाल
कोन(सोनभद्र)।बरसात का मौसम आते ही कोन व ओबरा रेंज अंतर्गत ग्राम चांचीकला,नरहटी,चकरिया,पिण्डारी व रानीडीह गाँव से सटे जंगल की भूमि पर प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी जोतकोड़ कर अतिक्रमण करने की होड़ सी लगी हुई हैइज़।देखा जाए तो प्रतिवर्ष सैकड़ों बीघा वन भूमि अतिक्रमण की भेंट चढ़ जाती है और वन कर्मी मूकदर्शक बनकर सब कुछ देखते रहते हैं।इन दिनों बरसात होने के बाद लोग अपने खेतों की जुताई करने में लगे हैं और पुराने जोतकोड़ के नाम पर वन भूमि पर बेतहाशा अतिक्रमण कर रहे हैं।क्षेत्रीय लोगों की माने तो बरसात के दिनों में वन भूमि पर जोत कोड़ करके अतिक्रमण करने की होड़ सी लग जाती है और अतिक्रमण में वनकर्मियों की भूमिका हमेशा से ही संदिग्ध रहती है।वन कर्मी न तो अतिक्रमण पर रोक लगाते हैं और न ही अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ कार्यवाही ही करते हैं।यदि कोई ग्रामीण अतिक्रमण की सूचना रेंज कार्यालय में दे तो कार्यवाही की तलवार उसी की गर्दन पर लटकने लगती है।अब ग्रामीण भी शिकायत करने से डरते हैं।इस सन्दर्भ में वन दरोगा कांता प्रसाद से बात की गई तो उन्होंने बताया कि जंगल की जमीन पर कब्जा करने वाले लोगों पर कार्यवाही हेतु लिस्ट तैयार की जा रही है।जंगल के सीमांकन की भी तैयारी चल रही है।






