महिलाओं की सुरक्षा और आत्मविश्वास की दिशा में एक सशक्त पहल

तेज़ एक्सप्रेस न्यूज – किरण साहनी

सोनभद्र (दुद्धी) – महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण को लेकर राजकीय बालिका इंटर कॉलेज दुद्धी में गुरुवार को रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ किया गया। यह तीन माह तक चलने वाला व्यापक प्रशिक्षण शिविर बालिकाओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाने के साथ-साथ उन्हें शारीरिक, मानसिक और सामाजिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।कार्यक्रम का उद्घाटन विद्यालय की प्रभारी प्रधानाचार्या कुसुम सिंह एवं नोडल अधिकारी डॉ. प्रीति शर्मा द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। उद्घाटन समारोह में छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और आत्मरक्षा से जुड़ी तकनीकों को लेकर विशेष रुचि दिखाई।प्रशिक्षण का संचालन एन.आई.एस. कोच रवि सिंह द्वारा किया जा रहा है, जो दक्षिण कोरिया से ताईक्वांडो में ब्लैक बेल्ट (4 डॉन) प्राप्त अंतरराष्ट्रीय गोल्ड मेडलिस्ट एवं उत्तर प्रदेश राज्य पुरस्कार से सम्मानित खिलाड़ी हैं। कोच रवि सिंह ने शिविर के पहले दिन छात्राओं से संवाद करते हुए आत्मरक्षा के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आत्मरक्षा केवल शरीर की सुरक्षा का साधन नहीं, बल्कि मानसिक आत्मविश्वास और साहस का प्रतीक है। उन्होंने छात्राओं को विभिन्न सरकारी हेल्पलाइन नंबरों – 1090, 181, 1076 और साइबर हेल्पलाइन – के बारे में जानकारी दी।शिविर के दौरान बालिकाओं को आत्मरक्षा के व्यावहारिक गुर जैसे – पंचिंग, ब्लॉकिंग, हैंड मूवमेंट, किक, गले, हाथ, बाल और कंधे से छुड़ाने की तकनीकें सिखाई जा रही हैं। साथ ही बाल अधिकार, बाल सुरक्षा, गुड टच-बैड टच, किशोरावस्था में कौशल विकास और साइबर अपराध की रोकथाम संबंधी प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।कोच रवि सिंह ने कहा कि जब कोई लड़की आत्मरक्षा के गुर सीख लेती है, तो उसके भीतर आत्मविश्वास और आत्मसम्मान की भावना स्वतः जागृत होती है। वह किसी भी विपरीत परिस्थिति का साहसपूर्वक सामना कर सकती है और दूसरों के लिए भी प्रेरणा बन जाती है।प्रभारी प्रधानाचार्या कुसुम सिंह ने कहा कि आज के दौर में मार्शल आर्ट हर बालिका के लिए अनिवार्य शिक्षा का हिस्सा होना चाहिए। इससे न केवल शारीरिक रूप से सुरक्षा की समझ बढ़ती है, बल्कि मानसिक दृढ़ता भी विकसित होती है। उन्होंने छात्राओं से आग्रह किया कि वे इस प्रशिक्षण को गंभीरता और नियमितता से सीखें तथा अपने घर-परिवार और समाज में भी महिलाओं और बालिकाओं को आत्मरक्षा के प्रति जागरूक करें।उद्घाटन कार्यक्रम में विद्यालय की नोडल अधिकारी डॉ. प्रीति शर्मा, शिक्षिका वर्षा, अर्चना, मनीष कुमार, राधा, आरती, रूमन राय, अंजली राय, पुष्पा देवी, समायरा खान, गीता और महिमा यादव सहित अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं भी उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में शामिल छात्राओं में आत्मरक्षा सीखने के प्रति गजब का उत्साह और जोश देखने को मिला।विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि यह प्रशिक्षण शिविर रानी लक्ष्मीबाई के साहस और आत्मबल की प्रेरणा से जुड़ा हुआ है, जिसका उद्देश्य है – हर बालिका को आत्मसुरक्षा में सक्षम बनाना और समाज में नारी सम्मान की भावना को प्रबल करना।

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