तेज़ एक्सप्रेस न्यूज – किरण साहनी
सोनभद्र। करीब साढ़े पांच वर्ष पूर्व 16 वर्षीय नाबालिग से छेड़छाड़ के मामले में अदालत ने दोषी करार दिए गए मंजेश को शुक्रवार को तीन वर्ष के साधारण कारावास और 11 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा न करने पर दोषी को एक माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। अदालत ने आदेश दिया है कि अर्थदंड की राशि में से आठ हजार रुपये पीड़िता को दिए जाएं।यह आदेश अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट अमित वीर सिंह की अदालत ने सुनाया। न्यायालय ने दोनों पक्षों की बहस, पत्रावलियों तथा गवाहों के बयानों का अवलोकन करने के बाद यह फैसला सुनाया।अभियोजन पक्ष के अनुसार, पन्नूगंज थाना क्षेत्र निवासी पीड़िता ने 31 जनवरी 2020 को थाने में दी गई तहरीर में आरोप लगाया था कि 27 जनवरी 2020 की सुबह करीब साढ़े नौ बजे वह अपनी बहन के साथ स्कूल जा रही थी। उसी दौरान रास्ते में मंजेश पुत्र पारस निवासी रामगढ़, थाना पन्नूगंज, जिला सोनभद्र ने उसका रास्ता रोककर छेड़छाड़ की। जब पीड़िता ने विरोध किया, तो आरोपी ने उसके साथ मारपीट की।पीड़िता की तहरीर पर पुलिस ने तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना शुरू की। जांच में पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर विवेचक ने आरोपी के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया।अदालत में चली सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने कुल 10 गवाहों के बयान कराए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और साक्ष्यों के परीक्षण के बाद अदालत ने आरोपी मंजेश (25 वर्ष) को दोषी ठहराते हुए तीन वर्ष के साधारण कारावास तथा 11 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने की स्थिति में उसे एक माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी अधिवक्ता दिनेश प्रसाद अग्रहरि, सत्यप्रकाश त्रिपाठी और नीरज कुमार सिंह ने पक्ष रखा। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि इस प्रकरण में पीड़िता को मानसिक और शारीरिक पीड़ा झेलनी पड़ी है, इसलिए अर्थदंड की राशि में से आठ हजार रुपये उसे मुआवजे के रूप में दिए जाएं।






