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Priyanka Singh कौन है? दिल्ली बम ब्लास्ट के बाद UP STF ने लखनऊ से दबोचा-6 साल से फरार, पति करोड़ों का किंगपिनदिल्ली के लाल किले के पास 10 नवंबर को हुए भयानक कार बम विस्फोट ने पूरे देश को सदमे में डाल दिया है। इस आतंकी हमले में 10 से ज्यादा की मौत हो चुकी है, जबकि 20 से अधिक घायल हैं।इस घटना को केंद्र की सरकार ने 12 नवंबर को कैबिनेट बैठक के बाद आतंकी घटना घोषित कर दिया है।
इसी बीच, देशव्यापी अलर्ट के बीच उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (UP STF) ने एक बड़ी सफलता हासिल की। ललितपुर फ्रॉड केस में 6 साल से फरार 50 हजार रुपये की इनामी अपराधी प्रियंका सिंह को लखनऊ से गिरफ्तार कर लिया गया। प्रियंका का पति राजेश कुमार सिंह सहित उसके गिरोह ने करोड़ों रुपये की ठगी की साजिश रची थी। आइए, जानते हैं प्रियंका सिंह की पूरी प्रोफाइल, उसके क्राइम नेटवर्क और गिरफ्तारी की पूरी कहानी…
Who Is Priyanka Singh: प्रियंका सिंह कौन हैं? 40 वर्षीय ‘मास्टरमाइंड’ ठगिन
प्रियंका सिंह (उम्र: 40 वर्ष) उत्तर प्रदेश की एक कुख्यात फ्रॉड क्वीन हैं, जो अपने पति राजेश कुमार सिंह के साथ मिलकर रियल एस्टेट और फाइनेंशियल स्कैम्स का बड़ा नेटवर्क चला रही थी। मूल रूप से लखनऊ की रहने वाली प्रियंका ने 2011 से ठगी की सिलसिला शुरू किया। वह खुद को ‘एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर’ बताती थी, लेकिन असल में करोड़ों की लूट का ब्रेन थी।
प्रियंका सिंह का क्रिमिनल प्रोफाइल-
नाम: प्रियंका सिंह
पति: राजेश कुमार सिंह (मुख्य आरोपी, फरार)
निवास: मूल-7/3, एक्सक्लूसिव बिहार सहारा स्टेट, थाना जानकीपुरम, लखनऊ। हाल-एल्डिको कॉलोनी, टावर-10, रूम-1205, सौभाग्य अपार्टमेंट, थाना PGI, लखनऊ।
उपनाम/रैंक: असिस्टेंट डायरेक्टर (फर्जी कंपनी में)
इनाम: 50,000 रुपये (DIG झांसी द्वारा घोषित)
प्रियंका ने खुद को बिजनेस वुमन के रूप में पेश किया, लेकिन उसका असली चेहरा फ्रॉड का है। पूछताछ में उसने कबूला कि वह लखनऊ में छिपकर रह रही थी, जबकि STF की टीमें 6 साल से उसकी तलाश कर रही थीं।
कैसे दबोची गई प्रियंका, पूरी कहानी: लखनऊ के हाई-राइज में दबोच STF
12 नवंबर 2025 को रात 8:45 बजे UP STF ने प्रियंका को उसके आलीशान अपार्टमेंट से गिरफ्तार किया। यह ऑपरेशन STF मुख्यालय के ADSP सत्यसेन यादव के पर्यवेक्षण में चला। इंस्पेक्टर प्रमोद कुमार वर्मा की अगुवाई वाली टीम ने U/SI वीरेंद्र सिंह यादव और कोतवाली ललितपुर के विवेचक U/SI मनोज कुमार मिश्रा के साथ मिलकर छापा मारा।
जगह: एल्डिको कॉलोनी, टावर-10, रूम-1205, सौभाग्य अपार्टमेंट, थाना PGI, लखनऊ (नोएडा के पास)।
कैसे पकड़ी गई: STF को टिप मिली कि फरार अपराधी सक्रिय हैं। अभिसूचना से पता चला कि प्रियंका लखनऊ में छिपी है। टीम ने घेराबंदी कर ली, और प्रियंका को बिना पकड़ लिया।
अगला स्टेप: थाना PGI में दर्ज, अब कोतवाली ललितपुर भेजी गई। आगे की पूछताछ में पति राजेश और अन्य साथियों का पर्दाफाश होगा।
STF ADSP ने कहा, ‘यह गिरफ्तारी ललितपुर फ्रॉड केस में मील का पत्थर है। प्रियंका के नेटवर्क से करोड़ों की रिकवरी संभव।’
पति का बड़ा क्राइम नेटवर्क: JKB लैंड डेवलपर्स से करोड़ों की लूट
प्रियंका का पति राजेश कुमार सिंह (फरार) गिरोह का किंगपिन था। 2011 में उन्होंने JKB लैंड एंड डेवलपर्स इंफ्रास्ट्रक्चर लि. नाम की फर्जी कंपनी खोली, जिसका रजिस्टर्ड ऑफिस हजरतगंज, लखनऊ में बताया। ललितपुर के इलायच चौहारा में सिने फिलेक्स के फर्स्ट फ्लोर पर ऑफिस खोला।
गिरोह के सदस्य (6 डायरेक्टर):
राजेश कुमार सिंह (पति, मुख्य)
दीपक शुक्ला (पुत्र – अरुण शुक्ला, जौनपुर)
आशीष श्रीवास्तव (पुत्र गणेश शंकर, प्रयागराज-29 जून 2025 को इंदौर से गिरफ्तार)
दुर्गेश जयसवाल (पुत्र घनश्याम, लखनऊ)
विक्रांत त्रिपाठी (पुत्र स्व. राम अवध, लखनऊ)
प्रियंका सिंह (असिस्टेंट डायरेक्टर)
ठगी का तरीका:
पीड़ितों को ‘एजेंट’ की नौकरी दी, अनुबंध साइन कराए।
फर्जी FD (फिक्स्ड डिपॉजिट), पासबुक और प्रमाणपत्र जारी किए।
लोगों के खाते कंपनी में ट्रांसफर कराए, करोड़ों जमा हुए।
रातोंरात कंपनी के कागजात लेकर ललितपुर से फरार। पीड़ितों को पता चला तो हाहाकार!
मुकदमा: 2019 में कोतवाली ललितपुर में मु0अ0सं0 412/2019 (धारा 120B, 406, 420, 504, 506 IPC) दर्ज। अनुमानित लूट: करोड़ों रुपये।
प्रियंका ने पूछताछ में कबूला, ‘हमने कंपनी ग्रुप ऑफ कंपनीज के नाम से चलाई, लेकिन पैसा लूटने के बाद भाग गए।’
Priyanka Singh Criminal History: 19 केस, 8 जिलों में ठगी
प्रियंका पर UP के 8 जिलों में 19 मुकदमे दर्ज हैं-ज्यादातर धोखाधड़ी, जालसाजी और धमकी के। वह 174A IPC (नॉन-अपीयरेंस) के तहत भी वॉन्टेड है। यहां टेबल में पूरी लिस्ट:-
क्रमांक मु0अ0सं0 धारा (IPC) थाना/जिला
1
263/2019 419/420/467/504/506 कोतवाली, आजमगढ़
2
653/2018 406/420/467/468/506 सिंगरा, वाराणसी
3






