तेज एक्सप्रेस न्यूज – किरण साहनी
सोनभद्र। रावटसगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम लोहरा में एक दलित बहू को उसके ही ससुराल वालों ने घर से बाहर निकाल बहुचर्चित नफरत और प्रताड़ना का मामला सामने आया है। प्रेम विवाह के बंधन में बंधी इस बहू को जातिगत भेदभाव और जबरदस्ती जमीन कब्जा करने जैसे गंभीर आरोपों के बीच ससुराल ने घर में रहना सख्त मना कर दिया।पीड़ित दलित बहू ने बताया कि उसका विवाह माननीय न्यायालय में पंजीकृत रूप से संपन्न हुआ था, फिर भी ससुराल पक्ष उसे स्वीकार नहीं कर रहा। ससुराल वालों का कहना है कि उनकी बहू “नीच जाति” की है, इसलिए वे उसे घर में ठहराने को तैयार नहीं। इसके चलते बहू को लगातार मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना सहनी पड़ रही है।एक ओर तो बहू ने आरोप लगाया है कि इलाके के कुख्यात सूदखोर मनोज पटेल ने नाजायज ब्याज वसूलने के लिए ससुर को शराब पिलाकर खेत और मोटरसाइकिल पर कब्जा कर लिया है। मनोज पटेल ने बहू और उसके परिवार को धमकाया और जातिगत गालियां देते हुए घर में घुसपैठ करने का प्रयास भी किया। बहू का कहना है कि मनोज पटेल की साठगाठ के कारण ससुराल वाले उसे घर में रहने नहीं दे रहे और परेशान कर रहे हैं।वहीं, ससुराल पक्ष के लोगों ने भी साफ किया कि वे बहू को स्वीकार नहीं करते। शनिवार को एक हिंसक झगड़े के बाद ससुराल के सदस्यों ने बहू को पीटकर घर से बाहर निकाल दिया और घर का दरवाजा भी अंदर से बंद कर दिया। बहू ने घर के बाहर ही विरोध प्रदर्शन करते हुए दरवाजा खोलने की कई बार कोशिश की। इस बीच स्थानीय पुलिस भी मौके पर पहुंची और मामले को सुलझाने का प्रयास किया, लेकिन बहू पुलिस की निष्पक्षता पर सवाल उठाती रही।अंत में, सी ओ सिटी रणधीर मिश्रा के फोन वार्ता और निष्पक्ष कार्रवाई के आश्वासन के बाद देर रात विवाद कम हुआ। बहू ने न्याय की पुकार लगाई है और प्रशासन से जल्द से जल्द उचित कदम उठाने की मांग की है।यह मामला सिर्फ पारिवारिक कलह का नहीं, बल्कि जातिगत भेदभाव और सामाजिक अन्याय की भी एक स्पष्ट तस्वीर पेश करता है। पीड़ित बहू की आवाज़ को दबाना लोकतंत्र और संविधान के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है। प्रशासन से अनुरोध है कि इस तरह के घटनाओं पर सख्त कार्रवाई करे और दलित बहनों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करे।






