तेज़ एक्सप्रेस न्यूज – किरण साहनी
सोनभद्र ओबरा तापीय विद्युत परियोजना (CTPS) में कार्यरत संविदा श्रमिकों की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं को लेकर आखिरकार सकारात्मक पहल सामने आई। संविदा कंपनी Shree Infraprojects Private Limited (SIPPL) तथा श्रमिक संगठन के प्रतिनिधियों के बीच हुई महत्वपूर्ण बैठक में मजदूरों की विभिन्न मांगों पर विस्तार से चर्चा हुई, जिसमें कई मुद्दों पर सहमति बन गई। बैठक के बाद श्रमिकों में संतोष और उत्साह का माहौल देखा गया।
बैठक के दौरान श्रमिकों ने मजदूरी वृद्धि, समय पर वेतन भुगतान, श्रम कानूनों के पालन और कार्यस्थल पर सुविधाओं से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। श्रमिकों की बातों को गंभीरता से सुनते हुए SIPPL कंपनी के साइड इंचार्ज ने आश्वासन दिया कि जिन मजदूरों ने एक वर्ष से अधिक समय तक लगातार कार्य किया है, उनकी मजदूरी में वृद्धि की जाएगी।
उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि मजदूरों की समस्याओं को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा और भविष्य में इस तरह की स्थितियां पैदा न हों, इसके लिए कंपनी स्तर पर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि श्रमिकों को न्यूनतम मजदूरी अधिनियम के तहत निर्धारित मानकों के अनुसार पूरा भुगतान समय पर दिया जाएगा।
बैठक में श्रम कानूनों के अनुपालन को लेकर भी महत्वपूर्ण सहमति बनी। कंपनी प्रबंधन ने कहा कि सभी श्रमिकों को नियमानुसार सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी तथा किसी भी प्रकार की समस्या आने पर उसका त्वरित समाधान किया जाएगा।
इस सकारात्मक पहल से उत्साहित श्रमिकों ने संगठन के प्रति आभार व्यक्त किया। मजदूरों ने “मजदूर एकता जिंदाबाद” के नारे लगाते हुए कहा कि संगठन की सक्रियता और एकजुटता के कारण ही उनकी आवाज प्रबंधन तक पहुंची और समस्याओं के समाधान का रास्ता खुल सका।
इस अवसर पर श्रमिकों ने कहा कि यदि इसी प्रकार संवाद और सहयोग की भावना बनी रही तो भविष्य में मजदूरों और प्रबंधन के बीच बेहतर तालमेल स्थापित होगा, जिससे परियोजना के कार्यों में भी गति आएगी।
बैठक में प्रमुख रूप से रामनरेश गौड़, मुस्तकीम अहमद, मोनू यादव, सुभाष सिंह, दीपक कुमार, रमाशंकर, गुलाम, लालजी देव पाण्डेय सहित बड़ी संख्या में श्रमिक मौजूद रहे।भारतीय संविदा श्रमिक संगठन के अध्यक्ष मणि शंकर पाठक ने कहा कि संगठन हमेशा मजदूरों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि श्रमिकों के अधिकारों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और यदि भविष्य में भी मजदूरों के सामने कोई समस्या आती है तो संगठन पूरी मजबूती से उनकी आवाज उठाता रहेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि मजदूर किसी भी औद्योगिक परियोजना की रीढ़ होते हैं और उनके अधिकारों की रक्षा करना हर संस्था की जिम्मेदारी है। संगठन श्रमिकों की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों के लिए लगातार संघर्ष करता






