सुगवाघाटी में नियमों की धज्जियां, जंगल के बीच चल रहा पत्थर खनन

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तेज़ एक्सप्रेस न्यूज-(मुन्ना लाल जायसवाल)

कोन(सोनभद्र)।जनपद के कोन वन प्रभाग अंतर्गत खेमपुर बस्ती के उत्तर दिशा में स्थित सुगवाघाटी के समीप अवैध पत्थर खनन का मामला सामने आया है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, वन क्षेत्र के भीतर बिना अनुमति के पत्थर खनन गतिविधियां संचालित की जा रही हैं, जिससे पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है।
बताया जा रहा है कि खनन कार्य दिन-रात जारी है, जिससे न केवल वन क्षेत्र को क्षति पहुंच रही है, बल्कि वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास भी प्रभावित हो रहा है। खनन के चलते आसपास के इलाकों में धूल और प्रदूषण का स्तर भी बढ़ गया है, जिससे ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय निवासी अजय मिश्रा ने बताया, “हम लोग लंबे समय से इस अवैध खनन को देख रहे हैं। कई बार अधिकारियों को सूचना दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।”
वहीं, सुरेंद्र प्रसाद का कहना है, “खनन की वजह से गांव के आसपास का वातावरण खराब हो रहा है। धूल और शोर से लोगों का जीना मुश्किल हो गया है, लेकिन जिम्मेदार विभाग ध्यान नहीं दे रहा है।”
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस संबंध में कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इससे प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल उठने लगे हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, अवैध खनन से भूमि क्षरण, जल स्रोतों का सूखना और जैव विविधता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है, जो दीर्घकाल में गंभीर पर्यावरणीय संकट का कारण बन सकता है।
इस मामले में संबंधित अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले पर क्या कदम उठाता है और अवैध खनन पर कब तक रोक लगाई जाती है।

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