रात में गरजती मशीनें दिन में खामोशी आखिर किसके संरक्षण में चल रहा खनन

मशीनों की गड़गड़ाहट से कांप रही रातें, खनन पर क्यों खामोश है सिस्टम*

तेज़ एक्सप्रेस न्यूज – किरण साहनी

सोनभद्र। जनपद के बर्दिया अली स्टोन खनन क्षेत्र में खनन नियमों के पालन को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े होने लगे हैं। क्षेत्रीय लोगों का आरोप है कि निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद भी खनन गतिविधियां बेखौफ जारी रहती हैं। देर रात तक चलने वाली मशीनों की गड़गड़ाहट और भारी वाहनों की लगातार आवाजाही से ग्रामीणों का जीना मुहाल हो गया है, लेकिन जिम्मेदार विभाग कथित तौर पर आंखें मूंदे बैठा है।
ग्रामीणों के अनुसार खनन पट्टों के संचालन के लिए शासन द्वारा स्पष्ट दिशा-निर्देश और समय सीमा निर्धारित की गई है, लेकिन बर्दिया अली क्षेत्र में इन नियमों का पालन होता नजर नहीं आ रहा। आरोप है कि रात के सन्नाटे में भी मशीनें लगातार चलती रहती हैं, जिससे ध्वनि प्रदूषण के साथ-साथ वातावरण में धूल का गुबार छाया रहता है। इससे आसपास के गांवों में रहने वाले लोगों को सांस संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।स्थानीय निवासियों का कहना है कि भारी-भरकम ट्रकों और डंपरों की दिन-रात आवाजाही से क्षेत्र की सड़कें बदहाल हो चुकी हैं। कई स्थानों पर सड़कें गड्ढों में तब्दील हो गई हैं, जिससे राहगीरों और स्कूली बच्चों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का आरोप है कि खनन कंपनियां मुनाफा कमाने में व्यस्त हैं, जबकि आम जनता की समस्याओं पर किसी का ध्यान नहीं है।ग्रामीणों का यह भी कहना है कि मामले की शिकायत कई बार संबंधित अधिकारियों से की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। क्षेत्रवासियों का सवाल है कि आखिर जब नियम-कानून सबके लिए बराबर हैं तो फिर खनन क्षेत्र में कथित अनियमितताओं पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही?सूत्रों की मानें तो क्षेत्र में खनन गतिविधियों को लेकर लगातार चर्चाएं हो रही हैं और प्रशासनिक तंत्र की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो पर्यावरणीय नुकसान के साथ-साथ जनजीवन पर भी इसका गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।
अब सबकी निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं। क्या जिम्मेदार अधिकारी खनन नियमों के उल्लंघन के आरोपों की निष्पक्ष जांच कर सख्त कदम उठाएंगे या फिर बर्दिया अली में खनन का यह कथित खेल यूं ही बेरोकटोक चलता रहेगा? यह सवाल फिलहाल पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।

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