तेज़ एक्सप्रेस न्यूज – किरण साहनी
सोनभद्र। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस सप्ताह के उपलक्ष्य में गुरमा स्थित जिला कारागार में गुरुवार को योग, स्वास्थ्य और आत्मचिंतन का अनूठा संगम देखने को मिला। ‘फिट इंडिया’ अभियान के तहत धनवंतरी पतंजलि योग संस्थान एवं सेवा भारती, उत्तर प्रदेश के संयुक्त तत्वावधान तथा जेल प्रशासन के सहयोग से आयोजित पांच दिवसीय योग एवं ध्यान शिविर का भव्य शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। कार्यक्रम में बंदियों और जेल कर्मियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवन की दिशा में कदम बढ़ाया।
कार्यक्रम का शुभारंभ जिला कारागार के अधीक्षक आईपीएस अरुण कुमार मिश्र ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि कारागार केवल दंड का स्थान नहीं, बल्कि व्यक्तित्व परिवर्तन और आत्मसुधार का केंद्र भी है। योग मनुष्य को शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से सशक्त बनाता है। ऐसे आयोजन बंदियों को तनावमुक्त जीवन जीने और समाज की मुख्यधारा में पुनः सम्मानपूर्वक लौटने की प्रेरणा प्रदान करते हैं।
योग से मिलेगा आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच
शिविर के मुख्य योगाचार्य एवं विश्व रिकॉर्ड धारक आचार्य अजय कुमार पाठक ने कहा कि योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि जीवन को अनुशासित और संतुलित बनाने की कला है। उन्होंने बताया कि पांच दिनों तक चलने वाले इस विशेष प्रशिक्षण शिविर में बंदियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम, ध्यान और मानसिक एकाग्रता की तकनीकों का अभ्यास कराया जाएगा।
उन्होंने कहा कि आज के दौर में तनाव, अवसाद और नकारात्मकता से बचने का सबसे सरल और प्रभावी माध्यम योग है। यदि व्यक्ति नियमित रूप से योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करे तो वह शारीरिक रोगों के साथ-साथ मानसिक विकारों से भी दूर रह सकता है।
बंदियों के पुनर्वास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
शिविर का मुख्य उद्देश्य कारागार में निरुद्ध बंदियों को मानसिक तनाव से राहत देना, उनके स्वास्थ्य में सुधार लाना तथा उनमें सकारात्मक सोच विकसित करना है। योग और ध्यान के माध्यम से उन्हें आत्मनिरीक्षण और आत्मसुधार का अवसर मिलेगा, जिससे उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन संभव हो सकेगा।
धनवंतरी पतंजलि योग संस्थान के अध्यक्ष रमेश कुमार सिंह ने कहा कि योग भारत की प्राचीन संस्कृति की अमूल्य धरोहर है। गुरमा जेल प्रशासन के सहयोग से आयोजित यह शिविर बंदियों के जीवन में नई उम्मीद और नई दिशा देने का कार्य करेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल बंदियों को निरोग, आत्मनिर्भर और समाजोपयोगी नागरिक बनने की प्रेरणा प्रदान करेगी।
जेल प्रशासन और सामाजिक संगठनों का सराहनीय समन्वय
कार्यक्रम में जेल प्रशासन एवं सामाजिक संगठनों के बीच उत्कृष्ट समन्वय देखने को मिला। आयोजन में जेलर अरविंद सिन्हा, डिप्टी जेलर शशांक पटेल, जितेंद्र तिवारी, अभिषेक जायसवाल, धनवंतरी पतंजलि योग संस्थान की जिला प्रभारी प्रिया पाण्डेय सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
योग शिविर के पहले दिन ही बंदियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। कारागार परिसर में गूंजते योग मंत्रों और ध्यान की शांति ने पूरे वातावरण को सकारात्मक ऊर्जा से भर दिया। आगामी दिनों में विभिन्न योग सत्रों के माध्यम से बंदियों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा आत्मिक उन्नति की दिशा में प्रेरित किया जाएगा।
योग बनेगा बदलाव का माध्यम
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस सप्ताह के अवसर पर आयोजित यह पांच दिवसीय शिविर न केवल बंदियों के स्वास्थ्य संवर्धन का माध्यम बनेगा, बल्कि उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। गुरमा जेल में शुरू हुई यह पहल इस बात का संदेश देती है कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन को नई दिशा देने वाली एक सशक्त जीवनशैली है।






