तेज़ एक्सप्रेस न्यूज – रीना राय
सोनभद्र के ओबरा तहसील क्षेत्र के खैरटिया ग्राम सभा स्थित डी.एस. माइनिंग खनन पट्टे को बंद कराने की मांग को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। कांग्रेस नेताओं ने अवैध खनन, पेयजल संकट और वन अधिकार पट्टा समेत विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर उपजिलाधिकारी ओबरा के नाम नौ सूत्रीय मांग पत्र सौंपा और जल्द कार्रवाई की मांग की। खनन पट्टे की वजह से स्थानीय ग्रामीणों के आवास पर ब्लास्टिंग का पत्थर जाने से रहवासियों को जान का खतरा बना हुआ है जिसको लेकर एक दिन का सांकेतिक धरना प्रदर्शन कर चेतावनी दी गई कि भविष्य में मानक विपरीत ब्लास्टिंग की गई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
मामले में कांग्रेस जिला अध्यक्ष रामराज गोंड के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीण और कार्यकर्ता तहसील पहुंचे। इस दौरान उन्होंने खैरटिया स्थित डी.एस. माइनिंग के खनन पट्टे को तत्काल बंद कराने की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि क्षेत्र में खनन गतिविधियों से ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही अवैध खनन की शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।
कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी नौ सूत्रीय मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो ग्रामीणों के साथ मिलकर व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा। फिलहाल प्रशासन को मांग पत्र सौंप दिया गया है और अब सभी की निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं।
वही कांग्रेस जिलाध्यक्ष राम राज गोंड ने आरोप लगाया कि जनता के समस्याओं से अधिकारियों का कोई लेना देना नहीं है, अधिकारी एसी रूम में बैठकर जनता से मिलकर केवल रस्म अदायगी कर रहे हैं । खैरेटिया गांव के पास खनन पट्टा दे दिया गया है जो लोगों के लिए मुसीबत बन गया है, हैवी ब्लास्टिंग से पत्थर लोगो के आंगन और छत पर गिर रहा है जिससे स्थानीय लोगों को जान का खतरा बना हुआ है, हमारी अन्य मांगे है कि “हर घर जल-नल योजना” को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए, पात्र लोगों को वन अधिकार अधिनियम के तहत पट्टा दिया जाए, क्षेत्र की अन्य बुनियादी समस्याओं को अधिकारी जल्द दूर करें नहीं तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। कांग्रेस जिला अध्यक्ष रामराज गोड़ ने कहा कि कई बार शिकायत करने के बाद भी समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं।
कांग्रेस जिला अध्यक्ष रामराज गोंड ने कहा कि प्रदेश सरकार में राज्य मंत्री और ओबरा विधानसभा के विधायक संजीव गोंड क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं, लेकिन अवैध खनन और जनसमस्याओं के मुद्दे पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर संबंधित अधिकारी अवैध खनन पर कार्रवाई करने के बजाय मौन क्यों हैं।






