तेज़ एक्सप्रेस न्यूज – किरण साहनी
सोनभद्र। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस एवं विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष सरदार कमलेश सिंह खांबे के संयोजन में रा,गंज शहर में भव्य काव्य संध्या का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे कवियों एवं शायरों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से देशभक्ति, सामाजिक सरोकार, मानवीय संवेदनाओं और समसामयिक विषयों को स्वर दिया। देर शाम तक चले इस आयोजन में कवियों की प्रस्तुतियों पर श्रोताओं ने जमकर तालियां बजाईं।
काव्य संध्या की अध्यक्षता वरिष्ठ कवि दिवाकर द्विवेदी ‘मेघ’ ने की, जबकि कार्यक्रम का संचालन शहीद स्थल करारी से जुड़े अधिवक्ता प्रद्युम्न कुमार त्रिपाठी ने किया। आयोजन की शुरुआत भारत भारती की वंदना से हुई। वरिष्ठ कवयित्री एवं शिक्षिका कौशल्या कुमारी चौहान ने मां शारदे का स्मरण करते हुए अपनी रचनाओं से काव्य संध्या का आगाज किया। उन्होंने देशभक्ति से ओतप्रोत रचनाओं के माध्यम से राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना व्यक्त की, जिसे उपस्थित श्रोताओं ने खूब सराहा।
संचालन कर रहे प्रद्युम्न कुमार त्रिपाठी एडवोकेट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर अपनी रचना प्रस्तुत करते हुए कहा— “ऋद्धि सिद्धि समृद्धि हो, विकसित भारत देश। जन्म दिवस शुभकामना, मोदी मनुज विशेष।” उनकी प्रस्तुति के माध्यम से प्रधानमंत्री के जन्मदिवस पर शुभकामनाएं व्यक्त करने के साथ लोककल्याण और विकसित भारत की भावना को रेखांकित किया गया।
इसके बाद शायर अशोक तिवारी एडवोकेट ने अपनी रचना के जरिए जीवन के अनुभव और व्यवहार को लेकर संदेश दिया। उनकी पंक्तियों ने श्रोताओं को सोचने पर मजबूर किया और सभागार में तालियों की गूंज सुनाई दी।सोन संगीत फाउंडेशन से जुड़े कवि सुशील मिश्रा ने अपनी भोजपुरी रचना के माध्यम से माहौल को और जीवंत कर दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री के जन्मदिन की शुभकामनाओं से जुड़ी रचना प्रस्तुत करते हुए देश की शान और विकास की बात कही। भोजपुरी अंदाज में प्रस्तुत कविता पर श्रोताओं ने खूब वाहवाही की।
कवि धर्मेश चौहान ने देश की वंदना करते हुए हिंदुस्तान की खूबसूरती और विविधता का चित्रण अपनी रचना के माध्यम से किया। उनकी प्रस्तुति को श्रोताओं ने सराहते हुए तालियों से स्वागत किया। वहीं कवि विवेक चतुर्वेदी ने अपनी रचना के माध्यम से सामाजिक रिश्तों और व्यक्ति के महत्व को शब्द दिए। उनकी पंक्तियों ने काव्य संध्या के वातावरण को भावपूर्ण बना दिया।
कार्यक्रम में शामिल सभी कवियों एवं रचनाकारों का आयोजक मंडल की ओर से अंगवस्त्र एवं माल्यार्पण कर सम्मान किया गया। सम्मान पाकर कवियों ने आयोजन समिति का आभार जताया।
कवि प्रभात सिंह चंदेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर देश और जन-जन के मंगलमय जीवन की कामना करते हुए ओजपूर्ण रचनाएं प्रस्तुत कीं। उनकी प्रस्तुति के दौरान कार्यक्रम स्थल पर उत्साह का माहौल देखने को मिला। विशेष रूप से उनकी रचना ‘सैनिक की पाती’ ने श्रोताओं को भावुक कर दिया। देश की रक्षा में जुटे सैनिकों की भावनाओं को अभिव्यक्त करती इस प्रस्तुति ने महफिल में मौजूद लोगों को भाव-विभोर कर दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे कवि दिवाकर द्विवेदी ‘मेघ’ ने अपनी रचनाओं के माध्यम से जनमानस की पीड़ा, सामाजिक समस्याओं और समसामयिक विषयों को उठाया। उन्होंने अपनी कविताओं के जरिए इंसान को इंसानियत का पाठ पढ़ाने तथा समाज में सकारात्मक सोच विकसित करने का संदेश दिया। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर शुभकामनाएं व्यक्त कीं और विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर भगवान विश्वकर्मा का स्मरण किया।
आयोजक सरदार कमलेश सिंह खांबे ने सभी कवियों, अतिथियों एवं उपस्थित लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर शुभकामनाएं देते हुए भगवान विश्वकर्मा को नमन किया। इसके बाद उन्होंने सभी के सहयोग के लिए धन्यवाद देते हुए काव्य संध्या के समापन की घोषणा की।
कार्यक्रम के दौरान साहित्य, कविता, देशभक्ति और सामाजिक सरोकारों का अनूठा संगम देखने को मिला। कवियों की अलग-अलग शैली और विषयों पर आधारित प्रस्तुतियों ने देर शाम तक श्रोताओं को बांधे रखा। आयोजन में लालता प्रसाद मिश्र, ऋषभ त्रिपाठी, जयशंकर त्रिपाठी, ठाकुर कुशवाहा समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।





