सूर्यास्त के पश्चात भक्तों ने विधि पूर्वक तुलसी विवाह

तेज़ एक्सप्रेस न्यूज़ – प्रदीप दुबे

ग़ाज़ीपुर सादात। देवोत्थान एकादशी का पर्व सोमवार को मनाया गया। हरि प्रबोधिनी एकादशी के नाम से जानी जाने वाले इस एकादशी पर श्रद्धालु नर-नारियों ने परम्परानुसार व्रत रखा और श्री हरि विष्णु व माता तुलसी का पूजन किया। सूर्यास्त के पश्चात भक्तों ने विधि पूर्वक तुलसी विवाह भी कराया। व्रत के दौरान गन्ना, सिंघाड़ा, आलू, कन्दा, केला, सेब आदि का सेवन किया गया। प्रबोधिनी एकादशी के दिन चारों वेदों के विविध मन्त्रों तथा वाद्य यन्त्रों के द्वारा भगवान लक्ष्मीपति को जगाते हैं। श्रद्धालुओं ने गन्ना, अनार, केला, सिघाड़ा आदि वस्तुएं भगवान को अर्पित किया। एकादशी पर गन्ने का थान पूजा गया। तत्पश्चात लोग गन्ना चूसकर नेवान किये।भगवान विष्णु और माता तुलसी की पूजा व विवाह के साथ ही मांगलिक कार्य भी आरंभ हो गये। पौराणिक मान्यता है कि इसी दिन से भगवान विष्णु सृष्टि का कार्यभार पुनः संभाल लेते हैं और इसके साथ ही सभी मांगलिक कार्य भी शुरू हो जाते हैं।

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