तेज़ एक्सप्रेस न्यूज़ –
ब्यूरो महेंद्र राज शुक्ल
अगर हम उत्तरप्रदेश के सबसे लंबे एक्सप्रेस वे का नाम लेंगे तो अब उसका नाम होगा पूर्वांचल एक्सप्रेस वे।341 कि.मी लंबे इस एक्सप्रेस वे लोगों के लिए तरक्की के नए रास्ते खोल दिऐ है। इसकी परिधि में आने वाले जिले के कारोबारियों को कारोबारी गतिविधियों में अब खासा लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।गाजीपुर से दिल्ली की यात्रा अब महज 10 घंटों में होगी पूरी।इसके दायरे में आने वाले ज्यादातर जिले कृषि प्रधान अर्थव्यवस्था वाले हैं यहां पर एक्सप्रेस वे के आ जाने से जाहिर सी बात है इंडस्ट्रियल क्लस्टर में पहली प्राथमिकता फूड प्रोसेसिंग यूनिट को दी जाएगी इसके अलावा अन्य भी कई व्यापार से टेक्सटाइल रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पाद बेवरेज व्यापार भी इसका लाभ उठा पाएंगे।इस एक्सप्रेस-वे के कई मायने हैं इससे क्षेत्रीय स्तर पर एवं जिलेवार लोगों को कई सारे रोजगार मिलने के अवसर बढ़ जाएंगे।
इस एक्सप्रेस-वे पर न्यूनतम स्पीड 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रहेगी।इस 341 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे को गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस वे और बलिया एक्सप्रेस वे से भी जोड़ने की तैयारी है ।यह एक्सप्रेस वे लखनऊ,बाराबंकी, फैजाबाद,अंबेडकर नगर,अमेठी, सुलतानपुर, आजमगढ़,मऊ और गाजीपुर को जोड़कर आम जनता को बड़ी राहत देगा ।
अखिलेश यादव की सरकार में बना आगरा एक्सप्रेसवे अपनी एक नई तकनीकी की वजह से काफी सराहा गया था मामला था उस एक्सप्रेस वे पर लड़ाकू जहाज उतर सकते हैं। ठीक उसी तरह अभी पूर्वांचल एक्सप्रेस वे में भी 3 किलोमीटर लंबी हवाई पट्टी का निर्माण किया गया है जहा से किसी भी समय यहां पर लड़ाकू जहाज उतारे जा सकेंगे
इस एक्सप्रेस वे का शिलान्यास 14 जुलाई 2018 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया था। पूर्वांचल एक्सप्रेस वे एन.एच 731 के लखनऊ सुल्तानपुर रोड के चंद सराय से शुरु होकर नौ जिलों को संपर्कित करते हुए गाजीपुर पहुंच कर समाप्त हुआ है। पूर्वांचल एक्सप्रेस वे को बनाने मे भूमि अधिग्रहण समेत सरकार का कुल 22494 करोड़ व्यय हुआ है।






