सरपंच पुत्र पर सरपंच के फर्जी हस्ताक्षर करने का आरोप

तेज़ एक्सप्रेस न्यूज़ – प्रदीप ठाकुर

हनुमानगढ़ – राजस्थान

ग्रामीणों व वार्डपंचों ने जिला कलक्टर से की जांच करवाने की मांग
हनुमानगढ़/ राजस्थान(प्रदीप पाल) ग्राम पंचायत में होने वाले कार्यांे में सरपंच की जगह उसके पुत्र पर हस्तक्षेप करने व सरपंच के फर्जी हस्ताक्षर करने का आरोप लगाते हुए ग्राम पंचायत दो केएनजे के ग्रामीणों व वार्डपंचों ने जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपा और जांच करवाने की मांग की। जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत दो केएनजे के ग्रामीणों व वार्डपंचों ने बताया कि उनकी ग्राम पंचायत को बने हुए दो साल होने हो हैं, परन्तु सरपंच के स्थान पर उसका बेटा रतन हस्ताक्षर करता है। स्वयं सरपंच ग्राम पंचायत में नहीं आती हैं। अब तक ग्राम पंचायत में मनरेगा सहित अन्य योजनाओं के तहत जो भी निर्माण कार्य हुए हैं, उनके संबंध में भेजे जाने वाले पत्रों पर सरपंच का पुत्र सरपंच के फर्जी हस्ताक्षर करता है। ग्राम पंचायत की बैठक दो-तीन माह से नहीं हो रही है और न ही किसी कार्य के सम्बन्ध में वार्ड पंचों को जानकारी दी जाती है। पंचायत बैठकों में जो प्रस्ताव लिए जाते हैं उसके सम्बन्ध में वार्ड पंचों को जानकारी नहीं दी जाती। महात्मा गांधी योजना में सरपंच की ओर से अपने नजदीकी रिश्तेदारों व पंचायत सदस्यों के नजदीकी को मेट लगाया जाता है, वह फर्जी हाजरी लगाता है। ग्रामीणों से पट्टा बनवाने के लिए सरपंच की ओर से फाइलें तो जमा करवा ली गई परन्तु अपने चहेतों का पट्टा बनवाया जा रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना में अपने चहेतों को जिनके पक्के मकान हैं। उन्हें आवास दिए जा रहे हैं। पंचायत घर में जो ई-मित्र स्वीकृत है वह वार्ड पंच की ओर से चलाया जाता है। ई-मित्र संचालक की ओर से बिजली का कनेक्शन पंचायत से लिया गया है। इसका भुगतान पंचायत करती है। ग्रामीणों व वार्डपंचों ने मांग की कि ग्राम पंचायत 2 केएनजे के सरपंच के हस्ताक्षरों की जांच करवाई जाए। निर्माण कार्य की जांच किसी प्रशासनिक अधिकारी से करवाई जाए। जो पट्टे जारी किए गए हैं उनकी भी जांच की जाए। साथ ही ग्रामीणों व वार्डपंचों को ग्राम पंचायत में कितने पट्टे जारी किए गए हैं और कौन-कौन से कार्य करवाए गए हैं। आवास योजना के पात्रों की सूची उपलब्ध करवाई जाए।

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