तेज एक्सप्रेस न्यूज – किरण साहनी
जनपद सोनभद्र के बिल्ली मारकुंडी क्षेत्र स्थित कृष्णा माइनिंग क्रेशर पर 15 नवंबर 2025 को हुए हादसे में चट्टान धंसने से लगभग 18 मजदूरों के दबे होने की आशंका है, जबकि अब तक 1-2 शव बरामद किए गए हैं इस घटना ने स्थानीय प्रशासन, खनन विभाग और माफियाओं की मिलीभगत पर गंभीर सवाल उठाए हैं हादसे का जिम्मेदार कौन?हादसा अवैध तरीके से की जा रही हेवी ब्लास्टिंग के चलते हुआ, जिसमें सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया था।स्थानीय मजदूर, नेताओं और समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधियों ने प्रशासन, खनन विभाग तथा माफियाओं को जिम्मेदार ठहराया है प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस टीम मौके पर पहुंच चुकी हैं, जबकि घटना की व्यापक जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की घोषणा की गई है भाजपा सरकार और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भी सवाल उठ रहे हैं,क्योंकि हादसा उनके कार्यक्रम स्थल से बहुत करीब हुआ और क्षेत्र में लगातार अवैध खनन की शिकायतें मिलती रही हैं नेताओं की प्रतिक्रिया समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष राम निहोर यादव और सांसद छोटेलाल सिंह खरवार सहित कई वरिष्ठ नेता मौके पर पहुंचे और प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए उन्होंने मांग की कि मृतकों के परिवार को 50-50 लाख रुपए मुआवजा और सरकारी नौकरी दी जाए, अन्यथा जन आंदोलन होगा और जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी प्रशासन की भूमिका एवं घटनास्थल की स्थिति खनन क्षेत्र को सील कर भारी मात्रा में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है; मीडिया, परिजनों और राजनीतिक प्रतिनिधियों को घटनास्थल से दूर रखा जा रहा है जिले के डीएम, एसडीएम, पुलिस कप्तान सहित वरिष्ठ अधिकारी राहत और बचाव कार्य की निगरानी कर रहे हैं; SDRF और NDRF की टीम भी मौके पर पहुंच चुकी है।निष्कर्षइस हादसे के प्राथमिक जिम्मेदार वे माफिया हैं जो प्रशासन की मिलीभगत से अवैध खनन करते हैं, साथ ही जिले का प्रशासन व खनन विभाग जिन्होंने सुरक्षा मानकों की अनदेखी की और नियमों को धज्जियां उड़ाई मुख्यमंत्री एवं सरकार की जिम्मेदारी भी तय होती है क्योंकि खनन का प्रभार उच्च स्तर पर है और इसी क्षेत्र में बार-बार ऐसी घटनाएं होती रही हैं समाजवादी पार्टी ने पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजा और नौकरी की मांग पर जन आंदोलन की चेतावनी दी है






