कोटा ग्राम पंचायत में पेयजल संकट गहराया, हैंडपंप और सोलर वाटर पंप महीनों से खराब, ग्रामीण परेशान

तेज एक्सप्रेस न्यूज – किरण साहनी

सोनभद्र डाला। कोटा ग्राम पंचायत में पेयजल की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। गांव के कई मोहल्लों में महीनों से लगे हैंडपंप और सोलर वाटर पंप खराब पड़े हैं, लेकिन उनकी मरम्मत के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। इस वजह से गर्मी हो या सर्दी, ग्रामीणों को पानी भरने के लिए दूर-दराज के इलाकों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। पानी जैसी बुनियादी जरूरत पूरी न हो पाने से ग्रामीणों में भारी नाराजगी व्याप्त है।ग्रामीणों का कहना है कि हर साल हैंडपंप और सोलर वाटर पंप की मरम्मत के लिए ग्राम पंचायत को लाखों रुपये दिए जाते हैं, लेकिन वह पैसा सही तरीके से खर्च नहीं होता। मरम्मत में घटिया गुणवत्ता और मनमानी के कारण पंप बार-बार खराब हो जाते हैं, जिससे पानी की समस्या जस की तस बनी रहती है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि पंचायत में इस मामले में व्यापक लापरवाही और वित्तीय अनियमितता पर संज्ञान लेने की आवश्यकता है।ग्राम पंचायत सदस्य एवं समाजसेवी कन्हैया लाल, जो क्षेत्र भ्रमण के दौरान गांव के लगभग सभी हिस्सों में खराब पंपों की शिकायतें लेकर आए, ने बताया कि पंचायत को नौ बार इस संबंध में अवगत कराया गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि जिम्मेदारों की उदासीनता से ग्रामीण काफी आक्रोशित हैं।प्रेमनाथ के घर के सामने लगे सोलर वाटर पंप की स्थिति भी इस लापरवाही की ताजा मिसाल है। पंप को ठीक करने में हजारों रुपये खर्च किए गए, लेकिन यह कभी ठीक चलता है तो कभी अचानक बंद हो जाता है, जिससे लोगों को भारी परेशानी होती है।गांव के अन्य हिस्सों की भी स्थिति चिंताजनक है। वार्ड नंबर 1 में, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य मोती भारती के घर के पास का हैंडपंप लंबे समय से बेकार पड़ा है। इसी तरह सुरेश खरवार के घर के निकट स्थित हैंडपंप महीनों से खराब है, जिससे लोगों को दूर से पानी लाना पड़ता है। दशरथ शर्मा और राम अवध भारती के घर के पास के कुछ नल और पंप भी लंबे समय से खराब पड़े हैं जबकि शिकायतों के बाद भी कोई सुधार नहीं हुआ।कन्हैया कुमार ने प्रशासन पर सवाल उठाया कि जब हर महीने लाखों रुपये हैंडपंप और सोलर वाटर पंप की सामग्री और मरम्मत के नाम पर पंचायत को मिलते हैं, तब भी गांव की पेयजल सुविधा इतनी बदहाल क्यों है? उन्होंने मांग की कि इन वित्तीय लेनदेन की जांच हो और भ्रष्टाचार में संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं।ग्रामीणों का कहना है कि पानी जैसा मौलिक अधिकार जब तक पूरा नहीं होगा, वे इस लापरवाही और उपेक्षा को बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया है कि सभी खराब पंपों की मरम्मत तत्काल करें और गांव में स्थायी समाधान खोजें ताकि आगे ऐसी समस्याएं न हों।इस समस्या से निपटने के लिए ग्राम प्रशासन और संबंधित विभागों को यथाशीघ्र सक्रिय होकर ग्रामीणों की मूलभूत जरूरतों को प्राथमिकता देनी होगी। अन्यथा कोटा ग्राम पंचायत में जलसंकट और भ्रष्टाचार का साया और गहरा होगा, जो ग्रामीण जनजीवन को और अधिक प्रभावित कर सकता है।

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